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कश्मीर के गुलमर्ग में ब्लास्ट से सनसनी, एक की मौत व कई घायल; इलाके में मची अफरा-तफरी

गुलमर्ग के फॉरवर्ड एरिया में आशा पोस्ट के पास हुए अचानक विस्फोट में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग शनिवार को एक विस्फोट की घटना के कारण चर्चा में आ गया. आशा पोस्ट के निकट हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. घटना के कारणों की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

गुलमर्ग के फॉरवर्ड एरिया में स्थित आशा पोस्ट के नजदीक अचानक हुए विस्फोट ने स्थानीय लोगों को दहला दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका काफी तेज था, जिसकी आवाज दूर तक सुनाई दी. हादसे के तुरंत बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और क्षेत्र में हड़कंप मच गया.

एक की मौत, कई लोग घायल

इस घटना में एक नागरिक की मौत की सूचना सामने आई है. वहीं कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है.


शेल विस्फोट की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट किसी पुराने शेल के फटने से हुआ हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह शेल कथित तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इलाके में गिरा था. हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.

सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी. संदिग्ध स्थानों की तलाशी ली जा रही है और विशेषज्ञ टीमों को भी मौके पर भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी.

ऑपरेशन सिंदूर फिर चर्चा में

इस हादसे के बाद ऑपरेशन सिंदूर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. यह अभियान मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा क्षेत्रों में पड़े पुराने विस्फोटक सामग्री के खतरे को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.