राम मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा हुई और सख्त, अब हर रुपये का होगा डिजिटल हिसाब

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. 4 जून की घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे और नकदी की सुरक्षा को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं.

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Shilpa Srivastava

अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. 4 जून की घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे और नकदी की सुरक्षा को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं. अब मंदिर की व्यवस्था में किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय तकनीक, CCTV और संस्थागत निगरानी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.

राम मंदिर के इतिहास में पहली बार सीईओ यानी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की नियुक्ति की गई है. सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO चुना गया है. अब मंदिर के रोजाना के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी CEO के स्तर पर होगी. इससे पहले ज्यादातर फैसले ट्रस्टियों के स्तर पर लिए जाते थे.

चढ़ावे की गिनती पर CCTV का पहरा:

ट्रस्ट में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं. पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष और गोविंद देव गिरि को महासचिव बनाया गया है. दान की रकम की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले से काफी सख्त कर दी गई है. कर्मचारियों के लिए अब जेब रहित वर्दी अनिवार्य कर दी गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नकदी बाहर न ले जा सके. काउंटिंग सेंटर में आने और जाने वाले कर्मचारियों की तलाशी होगी. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी.


पहले CCTV फुटेज करीब 45 दिन तक सुरक्षित रखा जाता था, लेकिन अब इसे 180 दिन तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. निगरानी के लिए PTZ कैमरे भी लगाए गए हैं, जो घूमकर और जूम करके किसी भी हिस्से पर नजर रख सकते हैं. काउंटिंग सेंटर पर 13 नए कैमरे और 27 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी लगाए गए हैं. अब गिनती स्थल पर केवल 43 अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी.

अब हर रुपये का डिजिटल रिकॉर्ड:

चढ़ावे की रकम का हिसाब अब पूरी तरह डिजिटल तरीके से रखा जाएगा. इसकी निगरानी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की टीम करेगी. इसके लिए स्थायी CA की नियुक्ति भी की गई है. नए कोषाध्यक्ष ने भी वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई CA टीम बनाई है. मंदिर में जमा होने वाली नकदी से लेकर बैंक तक पहुंचने तक की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया जा रहा है.

सितंबर के अंत तक आ सकती है SIT रिपोर्ट:

चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित SIT ने भी जांच तेज कर दी है. जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए नए नामों का सत्यापन किया जा रहा है. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, SIT सितंबर के अंत तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में शासन और सुप्रीम कोर्ट को सौंप सकती है.