कैमरे लगे हैं फिर भी एक बाइक पर चार सवार... सिर पर हेलमेट तक नहीं, चंडीगढ़ की स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक नियमों की उड़ी धज्जियां

चंडीगढ़ के सेक्टर-27 में एक बाइक पर तीन से चार स्कूली छात्रों के बिना हेलमेट सवार होने का मामला सामने आया है. शहर में सीसीटीवी कैमरों और ट्रैफिक पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसा नजारा सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठे हैं.

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Km Jaya

चंडीगढ़: चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला है और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखने के लिए प्रमुख चौराहों और सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके बावजूद ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन सामने आ रहा है. सोमवार को सेक्टर-27 में एक बाइक पर तीन से चार स्कूली छात्रों के सवार होने का नजारा देखने को मिला. खास बात यह रही कि इनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था.

एक ही दोपहिया वाहन पर इतने छात्रों का सफर करना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है. बाइक का संतुलन बिगड़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में सभी सवार सड़क पर गिर सकते हैं. वहीं पीछे से आने वाले वाहनों की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है.

चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की निगरानी

चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए आधुनिक व्यवस्था होने का दावा किया जाता है. शहर के कई प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से वाहनों की निगरानी होती है. इसके अलावा ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी अलग अलग स्थानों पर तैनात रहते हैं. ऐसे में व्यस्त सड़क पर एक बाइक पर तीन से चार छात्रों का बिना हेलमेट निकल जाना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.


स्थानीय लोगों का है कहना?

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में नाबालिग और युवा कई बार यातायात नियमों की अनदेखी करते नजर आते हैं. कुछ मामलों में बाइक पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर चलने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. लोगों का सवाल है कि जब कैमरों और पुलिस की निगरानी लगातार जारी है, तो ऐसे वाहन चालकों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती.

एक बाइक पर चार लोगों का सफर केवल नियम तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि यह सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करता है. अगर चालक वाहन पर नियंत्रण खो देता है तो हादसे में कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है.

नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

इस घटना ने चंडीगढ़ की स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है. लोगों का कहना है कि केवल सीसीटीवी कैमरे लगाने और चालान की व्यवस्था करने से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी. नियम तोड़ने वालों पर समय पर कार्रवाई और युवाओं के बीच ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता भी जरूरी है. खासकर स्कूली छात्रों के मामलों में अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को भी जिम्मेदारी निभानी होगी.