अयोध्या: रामनगरी अयोध्या आज भक्ति और उत्साह के रंग में डूबी हुई है. प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के तीसरे जन्मोत्सव के अवसर पर पूरे शहर में अद्भुत ऊर्जा देखने को मिल रही है. देश के कोने कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं ताकि इस ऐतिहासिक और पवित्र क्षण के साक्षी बन सकें. सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक हर जगह सजावट और भक्ति का अनोखा संगम नजर आ रहा है. राम नाम के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है और हर भक्त के चेहरे पर आस्था की चमक दिखाई दे रही है.
इस साल के जन्मोत्सव की सबसे खास बात सूर्य तिलक है. ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ेंगी और करीब चार से पांच मिनट तक यह दिव्य पल बना रहेगा. यह दृश्य न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद खास माना जा रहा है. इसके लिए पहले ही सफल परीक्षण किया जा चुका है ताकि यह क्षण बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके.
राम मंदिर और पूरे रामजन्मभूमि परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है. हर कोना दीप, फूल और रंगीन सजावट से सुसज्जित है, जिससे पूरा परिसर अलौकिक प्रतीत हो रहा है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं. दर्शन मार्ग पर कालीन और मैटिंग बिछाई गई है ताकि दूर दूर से आने वाले भक्तों को गर्मी से राहत मिल सके. पेयजल, चिकित्सा और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है.
भारी भीड़ को देखते हुए रामलला के दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है. अब सुबह 5 बजे से प्रवेश शुरू हो जाएगा और रात 11 बजे तक मंदिर खुला रहेगा. इसके साथ ही सुरक्षा और यातायात को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. शहर में डायवर्जन लागू किया गया है और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे. रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ सहित प्रमुख स्थानों पर बैरीकेडिंग की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
राम मंदिर में जन्मोत्सव का कार्यक्रम सुबह 9 बजे पंचामृत महाअभिषेक के साथ शुरू होगा. यह अनुष्ठान लगभग 11 बजे तक चलेगा. इसके बाद रामलला का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और उन्हें पीतवस्त्र धारण कराए जाएंगे. पूर्वाह्न 11:45 बजे छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा, जिसके बाद पूजन, आरती और सूर्य तिलक का भव्य आयोजन होगा.