प्रतीक यादव के अचानक निधन की खबर ने पूरे यादव परिवार को झकझोर कर रख दिया है. वह राजनीति से दूर रहते थे लेकिन अपनी निजी जिंदगी को लेकर लगातार खबरों में बने हुए थे. अपर्णा यादव के पति होने के कारण उनकी पहचान हमेशा राजनीतिक परिवार से जुड़ी रही. हालांकि वह खुद सार्वजनिक जीवन से काफी दूरी बनाकर रखते थे. उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक के कई लोगों ने दुख जताया.
कुछ समय पहले सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के रिश्तों में अनबन की खबरें भी सामने आई थी. इन अटकलों की शुरुआत तब हुई जब अपर्णा यादव कई सार्वजनिक और राजनीतिक इवेंट में अकेले नजर आने लगीं. इसके अलावा सोशल मीडिया पोस्ट और तस्वीरों में भी प्रतीक यादव की गैर मौजूदगी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था.
सबसे ज्यादा हलचल तब मची जब प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट शेयर किए थे. इन पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव पर परिवार तोड़ने और रिश्तों में दूरी पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने लिखा था कि उनका खुशहाल परिवार बिखर गया है और वह लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. प्रतीक यादव ने यह भी कहा था कि अपर्णा केवल अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन पर ध्यान दे रही हैं और परिवार की भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं कर रही हैं.
पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि वह काफी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें इमोशनल सपोर्ट की जरूरत थी. उनका कहना था कि उन्हें अकेलापन महसूस हो रहा है और परिवार में रिश्तों में काफी दूरी आ चुकी है. हालांकि इन पोस्ट्स के वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. हालांकि कुछ समय बाद प्रतीक यादव ने अपनी सभी विवादित पोस्ट्स डिलीट कर दीं. इसके बाद उन्होंने छोटा सा संदेश शेयर करते हुए लिखा कि सब कुछ ठीक है. उन्होंने कहा कि अपर्णा यादव राजनीतिक जिम्मेदारियों की वजह से अक्सर व्यस्त रहती हैं, लेकिन परिवार में कोई समस्या नहीं है.