नोएडा में आधी रात में कार से महिलाओं का किया पीछा, किए अश्लील इशारे, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सिखाया ऐसा सबक

नोएडा के पर्थला पुल पर महिलाओं के साथ कार सवार युवकों द्वारा की गई अभद्र हरकत का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी युवकों की कार भी जब्त कर ली है.

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नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा से एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां पर्थला पुल पर एक गंभीर घटना घटी. कार सवार दो युवकों ने महिलाओं को अश्लील इशारे किए और उनका पीछा किया.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया. घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है.

पर्थला पुल पर क्या हुआ?

घटना पर्थला पुल की है, जहां एक कार में सवार दो युवक महिलाओं को देखकर अश्लील इशारे करते नजर आए. वीडियो में दिखता है कि महिलाएं डर के कारण अपनी कार से बाहर नहीं निकली. युवकों का व्यवहार आक्रामक और डराने वाला था. यह सब खुलेआम सड़क पर हुआ. 

फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. वीडियो के सामने आते ही थाना फेज-3 पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया. फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उनके ठिकानों का पता लगाया गया. पुलिस की टीम ने कुछ ही समय में दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया.

आरोपी कौन हैं?

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित कुमार और अभिषेक के रूप में हुई है. अमित कुमार आजमगढ़ का रहने वाला है, जो फिलहाल सेक्टर 135 की जेवीएस सोसायटी में रह रहा था. दूसरा आरोपी अभिषेक मैनपुरी जिले का निवासी है और वह भी उसी सोसायटी में रहता था. दोनों नोएडा में काम के सिलसिले में रह रहे थे.

पुलिस ने कार को किया जब्त

पुलिस ने आरोपियों की एमजी हेक्टर कार को जब्त कर लिया है. कार का नंबर  UP 75 AH 3565 है. यह कार घटना के दौरान इस्तेमाल की गई थी. पुलिस ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग को केस का अहम सबूत बनाया गया है और उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.

महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने नोएडा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए है. पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें. और साथ ही सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.