नोएडा पुलिस ने दबोचे तीन मोबाइल छपटमार, फोन पर बात करने वालों को बनाते थे निशाना, UPI एक्टिवेट कर निकाल लेते थे पैसा
थाना सेक्टर-126 पुलिस ने फोन लूटने वाले इस गैंग के कब्जे से लूट के 9 मोबाइल फोन, लूटे गये फोन से सिम निकालकर दूसरे फोन में यूपीआई एक्टिवेट कर निकाले गये पैसों से खरीदा गया आईफोन, अवैध हथियार व घटना में इस्तेमाल की जाने वाली मोटरसाइकिल बरामद की है.
Noida News: अगर आप सड़क पर पैदल चलते हुए मोबाइल पर बात करने की आदी हैं, तो सावधान हो जाइये क्योंकि नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गैंग के तीन छपटमारों को पकड़ा है जो राहगीरों का फोन छीनकर फरार हो जाते थे. आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये गैंग सड़क पर मोबाइल पर बात करने वाले लोगों को ही अपना शिकार बनाता थे और जब तक बात करने वाला कुछ समझ पाता तब तक ये रफूचक्कर हो जाते थे.
थाना सेक्टर-126 पुलिस ने फोन लूटने वाले इस गैंग के कब्जे से लूट के 9 मोबाइल फोन, लूटे गये फोन से सिम निकालकर दूसरे फोन में यूपीआई एक्टिवेट कर निकाले गये पैसों से खरीदा गया आईफोन, अवैध हथियार व घटना में इस्तेमाल की जाने वाली मोटरसाइकिल बरामद की है.
घटना के बाद जगह बदल लेता था गैंग
एडीसीपी नोएडा मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि ये अभियुक्त बहुत शातिर किश्म के हैं, एक वरदात के बाद ये अपना ठिकाना बदल लेते थे. इसलिए इनको पकड़ने के लिये थाना सेक्टर-126 नोएडा की गठित पुलिस टीम को करीब 150 CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालना पड़ा, तब जाकर इनकी पहचान हो पायी. इसके पश्चात इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व गोपनीय सूचना की सहायता से सचिन व अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया. गैंग के एक नाबालिग सदस्य को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.
दिल्ली में बेचते थे लूट के मोबाइल
पुलिस पूछताछ में छपटमारों ने बताया कि तीनों मिलकर नोएडा में जगह-जगह से मोबाइल फोन छीनते हैं और उन फोन को बेचकर अपनी मौज मस्ती व जरूरत में पैसों को इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, 'हम तीनों स्प्लैंडर मोटरसाइकिल व एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल को फोन छीनने में इस्तेमाल करते हैं. मोटरसाइकिल पर सवार होकर घूम-घूमकर ऐसे लोगों को चिन्हित करते थे जो सड़क पर फोन पर बात करते हुए जा रहे हों, जिस पर मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा व्यक्ति मोबाइल फोन छीनने का काम करता है और फिर फोन को दिल्ली में बेच देते हैं.'
यूपीआई एक्टिवेट कर निकाल लेते थे पैसा
उन्होंने बताया कि वे छीने हुए फोनों के UPI आदि को एक्टिवेट करने का प्रयास करते थे और जिस फोन में यूपीआई एक्टिवेट हो जाती है उसका पैसा भी निकाल लेते थे.