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India Daily

पलक झपकते ही लोगों को लगा देती थी लाखों का चूना, नोएडा पुलिस ने किया 'घूंघट गैंग' का पर्दाफाश

पुलिस ने इस गैंग की चार महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से चोरी किए गए सामान के साथ अन्य साक्ष्य भी बरामद हुए हैं. यह गैंग विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाता था और चोरी के सामान को अपने शहर ले जाकर बेच देता था.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Santosh Pathak
Reported By: Santosh Pathak
पलक झपकते ही लोगों को लगा देती थी लाखों का चूना, नोएडा पुलिस ने किया 'घूंघट गैंग' का पर्दाफाश

नोएडा थाना फेस 2 पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए घूंघट गैंग का पर्दाफाश किया है, जो पलक झपकते ही लोगों को लाखों का चूना लगा देती थी. पुलिस ने इस गैंग की चार महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से चोरी किए गए सामान के साथ अन्य साक्ष्य भी बरामद हुए हैं. यह गैंग विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाता था और चोरी के सामान को अपने शहर ले जाकर बेच देता था.

गैंग से सोने-चांदी के आभूषण और नगदी बरामद

पुलिस ने यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की. पुलिस ने नयागांव सब्जी मंडी के पास से चार महिलाओं मीना पत्नी सोनू, राधा पत्नी सूरज, सुनीता पत्नी दीपक, और गीता पत्नी बच्चू को गिरफ्तार किया. इन महिलाओं के कब्जे से चोरी किए गए 4 सोने की चेन, 2 जोड़ी बिछवे, 15,000 रुपये नगद, 4 आधार कार्ड, और 1 पैन कार्ड बरामद किए गए.

बेहद सफाई से देती थीं चोरी को अंजाम

यह गैंग एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय थी और साप्ताहिक बाजारों, दैनिक बाजारों, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड पर महिलाओं को टारगेट करती थी और बेहद चालाकी से चोरी को अंजाम देती थीं- ये गैंग महिलाओं का ध्यान भटकने का करने का इंतजार करता था और जैसे ही उनका ध्यान हटता था, ये उनके पर्स और शरीर पर पहने आभूषण चुराकर गायब हो जाती थीं.

ऐसे देती थीं वारदात को अंजाम

  • ये महिलाएं खासकर साप्ताहिक बाजारों और मंडियों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी की वारदात को अंजाम देती थीं
  • महिलाओं का ध्यान भटकते ही गैंग उनके पर्स और उनके गहनों पर हाथ साफ कर देता था.
  • शक होने पर गैंग की महिला चोरी किए गए आभूषण और पर्स को तुरंत दूसरे को सौंप देती थी, जिससे पकड़े जाने का खतरा कम हो जाता था.
  • चोरी किए गए आभूषणों को ये महिलाएं फरीदाबाद में औने-पौने दामों पर बेच देती थीं.
  • इन महिलाओं का कोई स्थायी ठिकाना नहीं था, वे अक्सर स्थान बदलते रहते थे ताकि पुलिस से बच सकें.

गैंग की अधिकांश महिलाएं अशिक्षित

इन महिलाओं में से अधिकांश अशिक्षित थीं और उनका कोई स्थायी ग्राहक नहीं था. वे हमेशा मोलभाव करके चोरी किए गए सामान को बेचने के लिए फरीदाबाद और हरियाणा जाती थीं. इनकी गतिविधियां पुलिस के लिए एक चुनौती बन गई थीं, लेकिन अब इनकी गिरफ्तारी से इस गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है.