प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर, नोएडा में इंजीनियर की मौत वाले गड्ढे को लेकर 2023 में ही दी गई थी चेतावनी
ग्रेटर नोएडा में टेक इंजीनियर की मौत वाले गड्ढे को लेकर 2023 में ही चेतावनी दी गई थी. निर्देश के बावजूद रेगुलेटर नहीं लगे, जिससे पानी भरा रहा और हादसा हुआ.
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मरे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है. अब सामने आया है कि इस खतरनाक गड्ढे को लेकर वर्ष 2023 में ही चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने दो साल पहले नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर इलाके में हेड रेगुलेटर लगाने का निर्देश दिया था. इसका उद्देश्य अतिरिक्त पानी को नियंत्रित कर हिंडन नदी की ओर मोड़ना था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंचाई विभाग ने न केवल रेगुलेटर लगाने की जरूरत बताई थी, बल्कि इसके लिए बजट प्रावधान होने की जानकारी भी दी थी.
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी ने क्या कहा?
इसके बावजूद यह परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी. जब इस पत्र को लेकर नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी से सवाल किया गया, तो उन्होंने पत्र की जानकारी से अनभिज्ञता जताई. स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे में पानी केवल बारिश की वजह से नहीं भरा था.
आसपास की रिहायशी सोसायटियों से जुड़े नालों का लगातार पानी भी इसमें गिर रहा था. यदि समय पर रेगुलेटर लगा दिए गए होते, तो पानी का स्तर इतना अधिक नहीं होता और युवराज की जान बच सकती थी.
क्या है पूरा मामला?
युवराज मेहता शनिवार रात ऑफिस से घर लौट रहे थे. घने कोहरे और अंधेरे के कारण उनकी कार सेक्टर 150 में सड़क किनारे बने नाले की बाउंड्री वॉल से टकरा गई और पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. कार डूबने के बाद युवराज छत तक पहुंच गए थे और करीब 90 मिनट तक मदद के लिए आवाज लगाते रहे.
रेस्क्यू ऑपरेशन में भी गंभीर कमियां सामने आईं. मौके पर पहुंची टीमों के पास पर्याप्त रस्सियां, सीढ़ियां और क्रेन नहीं थीं. कोहरे के कारण बचाव दल के पहुंचने में भी देरी हुई. इन कारणों से युवराज को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका.
गौतम बुद्ध नगर के एसडीएम ने क्या कहा?
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इलाके की सड़कों की जांच के आदेश दिए हैं. प्राधिकरण ने सड़क पर और उसके आसपास मौजूद गड्ढों को भरने और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने की बात कही है. गौतम बुद्ध नगर के एसडीएम सदर ने भी मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
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