लखनऊ: नोएडा के सेक्टर 150 में हुए दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता गया. परिजनों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है और SIT गठित कर उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
यह घटना नोएडा के सेक्टर 150 की बताई जा रही है, जहां बारिश के बाद सड़क किनारे गहरा गड्ढा पानी से भर गया था. इसी दौरान युवराज मेहता की कार उसमें जा गिरी. आसपास मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन पानी अधिक होने के कारण कार को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका. युवराज की मौके पर ही मौत हो गई.
मृतक के परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य बेहद धीमा रहा. उनका कहना है कि अगर समय पर क्रेन और गोताखोर बुलाए जाते, तो युवराज की जान बच सकती थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठाए हैं. घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल देखा गया.
मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संज्ञान लिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित करने के आदेश दिए और कहा कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए.
सीएम के निर्देश पर गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे. टीम में मेरठ जोन के एडीजी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है. यह एसआईटी पूरे घटनाक्रम, रेस्क्यू ऑपरेशन और सड़क निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी.
सरकार ने एसआईटी को पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई और संबंधित बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.