ग्रेटर नोएडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज का उद्घायन किया. इस भव्य कार्यक्रम में उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू भी मौजूद थे. इस दौरान पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह नया एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए कई नए अवसर खोलेगा.
इसके साथ ही पीएम मोदी ने इस एयरपोर्ट को भारत की नई भावना का प्रतीक और एक विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा, "फ्लाइट उड़ान भरेंगी और यह एयरपोर्ट एक विकसित उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरेगा."
#WATCH | Greater Noida: Prime Minister Narendra Modi says, "Because of this, Noida International Airport, Agra, Mathura, Aligarh, Ghaziabad, Meerut, Itawa, Bulandshahr, Faridabad, and this entire region are going to benefit greatly... This airport is going to bring many new… https://t.co/KoUZUVeuV0 pic.twitter.com/QmvYKLRxox
— ANI (@ANI) March 28, 2026Also Read
पीएम मोदी ने बताया कि इस परियोजना से न नोएडा और ग्रेटर नोएडा को, बल्कि आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, मेरठ और इटावा जैसे आस-पास के शहरों को काफी फायदा होगा. प्रधानमंत्री ने इस उद्घाटन को विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भारत में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाले राज्यों में से एक बन ग या है.
इस एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है. फर्स्ट फेज में हर साल 12 मिलियन यात्रियों की कैपिसिटी होगी. इस क्षमता को बाद में बढ़ाकर 70 मिलियन यात्री प्रति वर्ष तक किया जा सकता है.
#WATCH | Greater Noida: Prime Minister Narendra Modi says, "Today's event is a symbol of India's new attitude. Everyone can see how worried the world is. There has been a war going on in West Asia for the past month. Due to the war, food, petrol, diesel, gas, coal, and other… https://t.co/KoUZUVf2Ky pic.twitter.com/H5gltXwjNM
— ANI (@ANI) March 28, 2026
सबसे अहम बात कि इस एयरपोर्ट में एक एडवांस कार्गो हब भी होगा. यह हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सामान संभालने के लिए सक्षम है. इसे हर साल बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है. बता दें कि इसे एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर प्लान किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और बस की बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी.
इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक स्थिति के बारे में भी बात की. पीएम ने कहा कि भले ही दुनिया पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भोजन, ईंधन और उर्वरकों की कमी के कारण समस्याओं का सामना कर रही हो, लेकिन भारत इस संकट को मजबूती से संभाल रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी मेहनत से काम कर रही है जिससे आम लोगों और किसानों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े.