लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. नए एक्सप्रेसवे और हाईवे के निर्माण के साथ अब अधिक यातायात वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण भी तेजी से किया जाएगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रदेश के तीन प्रमुख हाईवे को चार लेन से छह लेन और एक हाईवे को दो लेन से चार लेन करने का फैसला लिया है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और सफर पहले से अधिक तेज और सुरक्षित होगा.
एनएचएआई के अनुसार 65 किलोमीटर लंबे लखनऊ-सीतापुर हाईवे, 135 किलोमीटर लंबे झांसी-उरई हाईवे और 70 किलोमीटर लंबे उरई-बारा हाईवे को चार लेन से छह लेन बनाया जाएगा. इसके अलावा 102 किलोमीटर लंबे बाराबंकी-बहराइच हाईवे को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा. इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है.
एनएचएआई के लखनऊ क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के अनुसार इन चारों मार्गों के चौड़ीकरण पर प्रति किलोमीटर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इन परियोजनाओं पर काम चालू वित्तीय वर्ष में शुरू करने की योजना है. अधिकांश स्थानों पर आवश्यक भूमि पहले से उपलब्ध है. जहां जरूरत होगी वहां अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इन मार्गों पर वाहनों की संख्या मौजूदा क्षमता से अधिक हो चुकी है, इसलिए चौड़ीकरण जरूरी हो गया है.
लखनऊ-सीतापुर हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग 30 का हिस्सा है. यह उत्तराखंड के सितारगंज से शुरू होकर बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और लखनऊ होते हुए छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के मदुरै तक जाता है. यह उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है.
झांसी-उरई और उरई-बारा हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 का हिस्सा हैं. एनएच-27 गुजरात के पोरबंदर से शुरू होकर असम के सिलचर तक जाता है और देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है. उरई-बारा खंड पूर्व-पश्चिम गलियारे का भी अहम हिस्सा है, जिससे माल और यात्री परिवहन को बड़ी सुविधा मिलती है.
बाराबंकी-बहराइच हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग 927 पर स्थित है. यह बाराबंकी, रामनगर, मुस्तफाबाद और कैसरगंज होते हुए बहराइच तक जाता है. यह मार्ग लखनऊ-रुपईडीहा कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है. सड़क चौड़ी होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में यातायात अधिक सुगम होगा और यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है.