मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया. जिला अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या के मामले में दोषी करार दिया.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ कई गवाहों के बयान अदालत के सामने रखे थे. इन साक्ष्यों और दलीलों पर लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों के खिलाफ दोष सिद्ध माना.
फैसले के बाद अब मामले की अगली प्रक्रिया सजा तय करने से जुड़ी है. अभियोजन पक्ष की ओर से पहले ही दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग की जा चुकी है. हालांकि, अंतिम फैसला अदालत मामले में सामने आए साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर करेगी. यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था. सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव को कथित तौर पर एक नीले रंग के ड्रम में छिपाया गया था. शव मिलने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आया और इसे 'ब्लू ड्रम केस' के नाम से जाना जाने लगा.
पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल शुक्ला पर हत्या का आरोप लगा. जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े कई साक्ष्य जुटाए, जिन्हें बाद में अदालत की कार्यवाही का हिस्सा बनाया गया. मामले की न्यायिक प्रक्रिया काफी लंबी चली. अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 से अधिक गवाह पेश किए. गवाहों के बयानों के अलावा मामले से संबंधित दूसरे साक्ष्यों और परिस्थितियों को भी अदालत के सामने रखा गया. कुल 126 सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे. अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की थी. इसके बाद बुधवार को अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहरा दिया.
दोष सिद्ध होने के बाद अब अदालत सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनेगी. अभियोजन पक्ष दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर चुका है. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से भी अदालत के सामने अपना पक्ष रखा गया है. अब अगली सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि दोषी ठहराए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को कानून के तहत कितनी सजा दी जाएगी.