यूपी के मदरसे ने बच्ची को अगली क्लास में प्रमोट करने के लिए मांगा उसका वर्जिनिटी सर्टिफिकेट, जानें पूरा मामला
मुरादाबाद के मदरसे में एक 13 वर्षीय छात्रा को अगली कक्षा में प्रवेश देने के लिए उसके माता-पिता से एक वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (कौमार्य प्रमाण पत्र) प्रस्तुत करने को कहा गया. मामले में केस दर्ज़ कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के लोधीपुरा इलाके में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है.आरोप है कि एक 13 वर्षीय छात्रा को अगली कक्षा में प्रवेश देने के लिए उसके माता-पिता से एक वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (कौमार्य प्रमाण पत्र) प्रस्तुत करने को कहा गया.
पिता, जो चंडीगढ़ के निवासी हैं, ने बताया है कि उनकी बेटी वर्ष 2024 में उस मदरसे में सातवीं कक्षा में दाखिला ले चुकी थी.जब इस वर्ष वह आठवीं में प्रवेश के लिए गई, तो मदरसे में कहा कि उसकी मां प्रयागराज गयी हुई थीं और बेटी कुछ समय उनके साथ रही थी. इस स्थिति के बाद मदरसे के प्रबंधन ने कथित रूप से यह मांग रखी कि पहले वर्जिनिटी सर्टिफिकेट लेकर आओ तभी आगे पढ़ाई की अनुमति मिलेगी.
मांग स्वीकार न करने पर नाम काटकर थमाया टीसी
बेटे के पिता का आरोप है कि इस मांग को स्वीकार न करने पर मदरसे ने छात्रा का नाम काटकर उसे ‘टीसी’ (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) थमा दिया और दाखिले से इनकार कर दिया.साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दाखिले के नाम पर 35 हजार रुपये जमा कराए गए थे लेकिन अब फीस भी लौटाई नहीं गई.
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मुरादाबाद पुलिस ने मामले को लेकर क्या कहा?
इस मामले पर मुरादाबाद की पुलिस ने जल्द ही कार्रवाई शुरू कर दी है. एसएसपी सिटी ने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त हुई है, पाकबड़ा थाना को मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
आरोपों पर क्या कहा मदरसा प्रबंधन ने?
मदरसे प्रबंधन का कहना है कि वे आरोपों को पूरी तरह से खंडन करते हैं और उनका कहना है कि परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं.लेकिन परिवार का कहना है कि यह मामला माँ-बेटी के साथ मानसिक उत्पीड़न, अपमान और उनका चरित्र हनन का है.
क्या मदरसे के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई?
बहरहाल, अभी मामले की जांच की जा रही है और जैसे ही पुलिस अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है? देखना यह भी है कि अगर मदरसे पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाती है? और क्या इस मदरसे के प्रबंधन के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई होगी या नहीं?