मेरठ में चंद्रशेखर का बड़ा दांव! कौन हैं बदर अली और बाबर चौहान, जिन्हें सपा के गढ़ में उतारा?

उत्तर प्रदेश के मेरठ में आजाद समाज पार्टी (ASP) ने विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करते हुए तीन सीटों के लिए प्रभारी घोषित किए हैं.

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Reepu Kumari

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी (ASP) ने मेरठ में अपनी रणनीति को नया रूप देना शुरू कर दिया है. पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर की ओर से जिले की सात विधानसभा सीटों में से तीन सीटों के लिए प्रभारियों की घोषणा की गई है. इनमें मेरठ शहर, किठौर और मेरठ कैंट शामिल हैं. इन नियुक्तियों के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मेरठ शहर और किठौर विधानसभा सीट की हो रही है. दोनों सीटों पर वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधायक हैं. ऐसे में बदर अली और बाबर चौहान खरदौनी को जिम्मेदारी दिए जाने को सपा के मजबूत वोट बैंक वाले क्षेत्रों में पार्टी की सक्रिय रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

इन तीन नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी

आजाद समाज पार्टी ने मेरठ शहर सीट से बदर अली, किठौर सीट से बाबर चौहान खरदौनी और मेरठ कैंट सीट से संजीव पाल को प्रभारी बनाया है. पार्टी ने दो मुस्लिम चेहरों और एक अति पिछड़ा वर्ग के नेता को जिम्मेदारी देकर अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक अपनी पहुंच मजबूत करने का संकेत दिया है.

मेरठ शहर सीट पर क्यों बढ़ी चर्चा

मेरठ शहर विधानसभा सीट पर लगातार दो बार से समाजवादी पार्टी के रफीक अंसारी विधायक हैं. इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक मानी जाती है. ऐसे में आजाद समाज पार्टी ने बदर अली को यहां प्रभारी बनाकर अपनी चुनावी तैयारी का संकेत दिया है. राजनीतिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


बदर अली का नाम पहले भी रहा चर्चा में

बदर अली मेरठ की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं. नगर निगम चुनाव में उनकी युवा सेवा समिति के पांच पार्षद चुने गए थे, जिससे वह सुर्खियों में आए थे. वर्ष 2019 में एक प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में उन पर 22 मुकदमे दर्ज होने के बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. बाद में कुछ समय समाजवादी पार्टी में रहने के बाद उन्होंने आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया.

किठौर में बाबर चौहान पर पार्टी का भरोसा

किठौर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के शाहिद मंजूर विधायक हैं. आजाद समाज पार्टी ने यहां बाबर चौहान खरदौनी को प्रभारी बनाकर चुनावी समीकरण साधने की कोशिश की है. खबर के अनुसार, बाबर चौहान पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन टिकट मिलने की संभावना नहीं होने पर उन्होंने चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली पार्टी का साथ चुन लिया.

सपा के गढ़ में बढ़ी राजनीतिक हलचल

मेरठ शहर और किठौर दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है. ऐसे में आजाद समाज पार्टी की नई नियुक्तियों ने स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. आने वाले समय में इन सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है. फिलहाल पार्टी ने चुनावी तैयारियों के तहत अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया है.