मेरठ वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने! क्या सच में कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों को पीटा?

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान वायरल मारपीट वीडियो पर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है. अधिकारियों के अनुसार मामला दो कांवड़ियों के बीच विवाद का था. पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के दावों को पूरी तरह गलत बताया गया है.

AI (Grok)
Meenu Singh

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाने लगे. कुछ लोगों ने इसे पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की घटना बताया, जबकि मेरठ पुलिस ने इन दावों का खंडन किया है. पुलिस का कहना है कि यह दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का मामला था, जिसे मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया गया था. इसके बाद हालात सामान्य हो गए.

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

यह घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई बताई जा रही है. वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग पुलिस की जीप के आसपास दिखाई देते हैं. इसी दौरान भीड़ जीप में मौजूद दो लोगों को बाहर निकालती है और उनके साथ मारपीट करती नजर आती है. घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी भी भीड़ को रोकने का प्रयास करते दिखाई देते हैं.

सोशल मीडिया पर फैलने लगे दावे

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आईं. कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि जिन लोगों की पिटाई हुई, वे सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे. वहीं कुछ वीडियो में वाहन में आग लगाने जैसी बातें भी सुनाई देती हैं. हालांकि इन दावों की किसी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है.


पुलिस ने बताई पूरी घटना

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले के अनुसार यह घटना 2 और 3 अगस्त की रात की है. पुलिस का कहना है कि एक कांवड़िया गंगाजल लेने जा रहा था, जबकि दूसरा हरिद्वार से लौट रहा था. इसी दौरान दोनों की मोटरसाइकिल टकरा गई. कहासुनी के बाद विवाद बढ़ा, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर लिया.

कोई शिकायत नहीं, मामला हुआ शांत

पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर गई, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया. अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों को समझाने के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया. किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी. इसी वजह से इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया.

अफवाहों से बचने की अपील

मेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का दावा सही नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें.