आज आएगा मेरठ के चर्चित  ब्लू ड्रम हत्याकांड में फैसला, दोषी पाए गए तो सजा पर होगी सुनवाई

Meerut Blue Drum Murder Case: मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड के बारे में तो आप जानते ही होंगे. आज इस मामले पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी. सबसे पहले अदालत यह तय करेगी कि दोनों आरोपी हत्या के मामले में दोषी हैं या नहीं.

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Shilpa Srivastava

Meerut Blue Drum Murder Case: मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड के बारे में तो आप जानते ही होंगे. इस मामले में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने कर दी थी. आज इस मामले पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी. सबसे पहले अदालत यह तय करेगी कि दोनों आरोपी हत्या के मामले में दोषी हैं या नहीं. अगर अदालत दोनों को दोषी पाती है तो इसके बाद सजा कितनी होगी, इस पर सुनवाई की जाएगी.

इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हो चुकी है. अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को रखा है. अभियोजन पक्ष की तरफ से दोनों आरोपियों के लिए अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की गई है. अभियोजन ने हत्या से पहले और उसके बाद की गई कथित तैयारियों को भी अपने तर्क का हिस्सा बनाया. इनमें नशीली दवाओं, चाकू, नीले ड्रम, सीमेंट और रेत की खरीद से जुड़े साक्ष्य शामिल बताए गए हैं.

अदालत में लिए गए 22 गवाहों के बयान:

सौरभ के परिवार की तरफ से मुकदमा लड़ रहे अधिवक्ता विजय बहादुर के अनुसार, वादी पक्ष की तरफ से मामले में 22 गवाह पेश किए गए. इनमें सौरभ के भाई बबलू, उनकी मां और सौरभ के दोस्त शामिल हैं. इसके अलावा ड्रम, दवाइयां, चाकू और सीमेंट जैसी चीजों की खरीद से जुड़े दुकानदारों के बयान भी अदालत में दर्ज कराए गए. हत्या के बाद आरोपी जिन स्थानों पर गए थे, उनसे जुड़े साक्ष्यों को भी अदालत के सामने रखा गया.


शव को ड्रम में छिपाने का आरोप:

अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या से पहले नशीली दवा और चाकू की व्यवस्था की गई थी. इसके बाद शव को छिपाने के लिए नीले ड्रम, सीमेंट और रेत की व्यवस्था किए जाने का आरोप है. अभियोजन का दावा है कि शव को ड्रम में रखकर सीमेंट से सील करने और उसे दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना थी. हालांकि, इससे पहले ही मामला सामने आ गया.

बचाव पक्ष ने आरोपों से किया इनकार:

मुस्कान की तरफ से अधिवक्ता रेखा जैन ने बचाव पक्ष की दलीलें अदालत में रखीं. वादी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, बचाव पक्ष ने आरोपियों द्वारा हत्या किए जाने से ही इनकार किया है. अभियोजन पक्ष ने अपने दावों के समर्थन में संबंधित साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए हैं. साथ ही ऐसे मामलों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया गया है.

बच्ची की डीएनए जांच का मुद्दा भी उठा:

मुस्कान की बेटी से संबंधित डीएनए जांच की मांग को लेकर भी सवाल उठे हैं. अधिवक्ता विजय बहादुर के अनुसार, फिलहाल अदालत में हत्या का ट्रायल चल रहा है और इस दौरान इस तरह की मांग का मामले की कार्यवाही पर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि बच्ची से संबंधित किसी भी मुद्दे पर अदालत ही निर्णय करेगी और यह भी अदालत तय करेगी कि इस मामले में सहानुभूति का कोई आधार बनता है या नहीं.