आकाश और दीपिका नहीं, अब इस करीबी पर मायावती का भरोसा! BSP में फिर बदला पूरा प्लान
मायावती ने पिछले कुछ दिनों में आकाश, ईशान और दीपिका आनंद को लेकर कई फैसले बदले हैं. ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब आकाश और दीपिका को पार्टी जिम्मेदारी से दूर रखते हुए ईशान आनंद को फिर से आगे बढ़ाने की तैयारी है.
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने परिवार को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. हाल के दिनों में आकाश आनंद और ईशान आनंद को लेकर लगातार बदलते फैसलों के बाद अब मायावती ने ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने का संकेत दिया है. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.
मायावती ने परिवारवाद और निजी रिश्तों को पार्टी के काम से ऊपर न रखने की बात कही है. उन्होंने कांशीराम के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि राजनीति में सफल होने और समाज के लिए काम करने के लिए भाई-बहनों तथा करीबी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठना जरूरी है.
आकाश आनंद को लेकर सख्त रुख
मायावती पहले ही आकाश आनंद को पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा चुकी हैं. 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाया गया था और 10 सितंबर को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया. मायावती ने आकाश के रवैये और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ से जुड़े विवाद को इसके पीछे प्रमुख कारणों के रूप में बताया था.
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इसके बाद पार्टी में आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने से चर्चा तेज हुई थी. सितंबर के पहले सप्ताह में ईशान को कई राज्यों के संगठन से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई थी.
फिर ईशान से भी छीनी गई थी जिम्मेदारी
हालांकि 12 सितंबर को तस्वीर अचानक बदल गई थी. मायावती ने कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश और ईशान को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. उन्होंने जरूरत पड़ने पर अपनी भतीजी दीपिका आनंद की मदद लेने की बात कही थी.
अब ताजा रिपोर्टों में कहा गया है कि मायावती ने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है और ईशान आनंद को फिर से आगे करने का निर्णय लिया है. साथ ही ईशान को लेकर भी मायावती ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
23 सितंबर को अहम बैठक
बीएसपी ने 23 सितंबर को लखनऊ में ऑल इंडिया बैठक भी बुलाई है. यह एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होगी. ऐसे में ईशान आनंद को लेकर सामने आया नया फैसला पार्टी संगठन में चर्चा का अहम विषय बन सकता है.
मायावती ने परिवार के मामले में अपने फैसलों को डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और कांशीराम से मिली प्रेरणा से जोड़ा है. उनका कहना है कि यदि परिवार का कोई सदस्य पार्टी के मिशन और संगठन के हित के खिलाफ जाता है तो उसे किसी भी स्थिति में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.