मॉस्को में यूक्रेन ने मचाई तबाही, दागे 1000 से अधिक ड्रोन; किया अब तक सबसे बड़ा अटैक!
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई. मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार दिखाई दिया.
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है. रूसी अधिकारियों ने हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि हमले की पूरी जिम्मेदारी यूक्रेन ने सीधे तौर पर स्वीकार नहीं की है. मॉस्को की एक ऑयल रिफाइनरी को भी ड्रोन से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद वहां आग लग गई.
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि ड्रोन ने राजधानी की ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने भी रिफाइनरी में नुकसान की जानकारी दी है. घटनास्थल से सामने आए वीडियो में दूर आग की लपटें और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है. शुरुआती जानकारी में हमले से जुड़े नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही गई है.
रिपोर्टों में क्या आया सामने?
हालांकि, हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं. कुछ रिपोर्टों में दो लोगों की मौत की बात कही गई है, जबकि अन्य जानकारी में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए इस संबंध में आधिकारिक और अंतिम आंकड़े का इंतजार है.
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जेलेंस्की ने क्या कहा?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रात में मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई का रूस पर असर हुआ. उन्होंने रूस के एक महत्वपूर्ण तेल उद्योग ठिकाने और एक लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाए जाने का दावा किया. जेलेंस्की के मुताबिक इन ठिकानों से रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक मदद मिलती है.
उन्होंने कार्रवाई में कई मानवरहित सिस्टम के इस्तेमाल का भी जिक्र किया. इनमें FP-1, RZ-100, MICH-2000, Palianytsia, Vendetta, Liutyi, Bars, Flamingo, Sichen और Pelican शामिल हैं. जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से जुड़े जवानों को धन्यवाद दिया.
चुनाव के आखिरी दिन हमला
मॉस्को में यह घटना ऐसे समय हुई जब रूस में स्टेट ड्यूमा के चुनाव के लिए मतदान का आखिरी दिन था. रूस में तीन दिनों तक मतदान हुआ. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद यह पहला संसदीय चुनाव है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन युद्ध के लिए जनता के समर्थन से भी जोड़ा है. वहीं सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के चुनाव में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है.
रूस ने यूक्रेन पर लगाया आरोप
रूसी अधिकारियों ने मॉस्को पर हुए ड्रोन हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार बताया है. इससे पहले भी रूस यूक्रेन पर अपने इलाकों में ड्रोन हमले करने के आरोप लगाता रहा है. पुतिन ने चुनाव के दौरान यूक्रेन पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश का आरोप लगाया था. रूस के चुनाव अधिकारियों ने मॉस्को में ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम पर साइबर हमले की कोशिश की जानकारी भी दी है. चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है.
युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच चुनाव
रूस में चुनाव ऐसे समय हुआ है जब देश यूक्रेन युद्ध और उससे जुड़े आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है. कुछ विशेषज्ञों ने चुनाव पर युद्ध की थकान और आर्थिक परिस्थितियों के असर की संभावना जताई है. वहीं युद्ध विरोधी कई उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलने की भी रिपोर्टें सामने आई हैं.
फिलहाल मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हुए हमले में वास्तविक नुकसान और हताहतों की संख्या को लेकर पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच चुनाव के आखिरी दिन हुआ यह ड्रोन हमला सुरक्षा और राजनीतिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल हो गया है.