लखनऊ: राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के लालता खेड़ा गांव में शुक्रवार देर रात 'इश्क' की एक खौफनाक सजा देखने को मिली. पीलीभीत के रहने वाले एक युवक, राम सागर (25), जिसने एक साल पहले अपनी पसंद की लड़की से शादी की थी, उसे उसके ही ससुराल वालों ने मौत के घाट उतार दिया. हमलावरों ने न केवल दामाद का गला रेता, बल्कि उसके सीने और पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे छलनी कर दिया.
मृतक के बड़े भाई राहुल गौतम के अनुसार, राम सागर पीलीभीत के माधौटांडा का निवासी था और फेरी लगाकर कपड़े बेचता था. उसने साल भर पहले लालता खेड़ा निवासी भीमा की बेटी कामिनी से प्रेम विवाह किया था. इस रिश्ते से कामिनी के परिजन बेहद नाराज थे. आरोप है कि सोमवार को कामिनी के मौसेरे भाई पंकज उर्फ बल्ले ने राम सागर को कामिनी से मिलने का झांसा देकर लोकेशन भेजी और उसे लालता खेड़ा बुलाया.
जब राम सागर अपने भाई राहुल के साथ वहां पहुंचा, तो पंकज ने पहले उसे शराब पिलाई और फिर कामिनी को बुलाने के बहाने घर चला गया. कुछ ही देर बाद वह अपने भाइयों सुमित, अमित और पिता भीमा के साथ लौटा और गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया.
विवाद के दौरान सुमित ने चाकू निकालकर राम सागर के गले पर वार कर दिया. जब तक भाई राहुल कुछ समझ पाता, हमलावरों ने राम सागर के सीने और पेट पर दर्जनों वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया. बीच-बचाव करने आए राहुल को भी सिर और पेट पर चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. राहगीरों की आहट पाकर आरोपी मौके से फरार हो गए. घायल राहुल की मदद से राम सागर को सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि भीमा ने दिसंबर 2024 में कामिनी की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था, लेकिन बाद में समझौता हो गया था. हाल ही में परिजन कामिनी की शादी कहीं और तय कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर राम सागर उसे लेकर फिर भाग गया था. इसी खुन्नस में आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया. एसीपी शकील अहमद और इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पंकज, अमित, सुमित व भीमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.