नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में H-125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया. मुंबई में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश दिया.
इस मौके पर रक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. भारत और फ्रांस के रिश्ते अब केवल कूटनीतिक बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे तकनीक, रक्षा और उद्योग के क्षेत्र में जमीन पर उतरकर मजबूत रूप ले रहे हैं.
इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17 फरवरी को कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस की एच-125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया. यह परियोजना भारत में हेलीकॉप्टर निर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ 'मेक इन इंडिया' अभियान को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है.
Addressing the joint press meet with President Emmanuel Macron.@EmmanuelMacron https://t.co/FuX0qSUyw7
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026Also Read
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध अब केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दोनों देशों की जनता के बीच सहयोग और भरोसे का संबंध बनते जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि एच-125 एक हल्का उपयोगी हेलीकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल सैन्य जरूरतों के साथ-साथ नागरिक सेवाओं जैसे एयर एम्बुलेंस, आपदा राहत और निगरानी कार्यों में भी किया जा सकता है.
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत और फ्रांस ने वर्ष 2026 को 'नवाचार वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य केवल बड़ी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाना नहीं, बल्कि दोनों देशों के स्टार्टअप, एमएसएमई, छात्र और शोधकर्ताओं के बीच एक बड़ा और मजबूत नेटवर्क बनाना है. इससे तकनीक, अंतरिक्ष, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और नई तकनीकों के विकास में तेजी आएगी.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई और फ्रांस के मार्सिले शहर के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिक मार्सिले पहुंचे थे और यह शहर स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के साहसिक इतिहास से भी जुड़ा है. आज उसी ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक सहयोग में बदलते हुए दोनों देश भविष्य की तकनीक और नवाचार पर मिलकर काम कर रहे हैं.
एच-125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन की शुरुआत भारत-फ्रांस सहयोग के नए युग का प्रतीक मानी जा रही है. इससे रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, रोजगार के अवसर बनेंगे और भारत वैश्विक हेलीकॉप्टर निर्माण नेटवर्क में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा.