दोस्त को बचाने पानी में उतरा... खुद गंवा दी जान, लखनऊ बाढ़ में 19 साल के विमल की दर्दनाक मौत
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र के लासा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से 19 वर्षीय विमल कुमार की मौत हो गई. गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के कई निचले इलाकों में भी भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
लखनऊ में बाढ़ का कहर बढ़ता ही जा रहा है. मंगलवार सुबह इटौंजा इलाके के लासा गांव में बाढ़ के पानी में बहने से 19 साल के विमल कुमार की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक विमल अपने दोस्तों के साथ गांव के रास्ते से लौट रहा था, तभी उनमें से एक गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने की कोशिश में विमल भी तेज बहाव वाले पानी में उतर गया और डूब गया.
घटना के समय विमल के साथ करीब छह और दोस्त थे. दोस्तों के मुताबिक गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था और आने-जाने के लिए कोई नाव उपलब्ध नहीं थी. सुबह शौच के लिए बाहर जाने के बाद, यह ग्रुप सड़क के किनारे-किनारे वापस आ रहा था. इसी दौरान एक युवक फिसल गया और डूबने लगा. उसे बचाने के लिए विमल और बाकी साथी पानी में उतरे.
पानी का बहाव
पानी का बहाव बहुत तेज़ था और सभी युवक संघर्ष करने लगे. उनमें से पांच तो तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन विमल तेज बहाव में बह गया और लापता हो गया. कई घंटों की खोजबीन के बाद प्रशासन ने उसका शव बरामद किया. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया.
Also Read
कैसे मिली जानकारी?
SDM के मुताबिक युवक के डूबने की जानकारी सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों, लेखपाल (राजस्व अधिकारी) और पुलिस से मिली. इसके बाद, DCP (नॉर्थ), ACP (BKT) और तहसीलदार समेत प्रशासन की एक टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की.
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन के मुताबिक सुबह करीब 6:40 बजे गांव के 7-8 युवकों का एक ग्रुप लासा रोड से गुजर रहा था, जिसे हाल ही में ऊंचा किया गया था. सड़क के बाईं ओर एक गहरा तालाब था. चलते समय, एक युवक की चप्पल पानी में बह गई. उसे निकालने की कोशिश में युवक फिसल गया.
कैसे हुई मौत?
विमल और उसके साथी उसे बचाने के लिए पानी की ओर बढ़े. बाकी युवक तो बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कृष्ण कुमार का बेटा विमल गहरे पानी में डूब गया और उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने शव को अपने कब्ज़े में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और बैराज के गेट खोले जाने से कई निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है. मड़ियाव, घैला गांव और जानकीपुरम एक्सटेंशन के नदी किनारे वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं; कई जगहों पर पानी रिहायशी कॉलोनियों तक पहुंच गया है.