लखनऊ अग्निकांड की SIT जांच कराएगी सरकार, सीएम योगी ने ACS-ADG से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. जांच दल सात दिनों में रिपोर्ट देगा. हादसे में 15 लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए.
लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई दर्दनाक आग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की समीक्षा करते हुए विशेष जांच दल का गठन किया है. सरकार का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच होगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. जांच दल को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. एसआईटी आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही की जांच करेगी.
अलीगंज की इमारत में मचा था हड़कंप
सोमवार को अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित लाइब्रेरी और स्टूडियो में मौजूद छात्र आग की चपेट में आ गए. कई लोगों ने जान बचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए, जबकि कुछ लोग अंदर ही फंस गए.
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15 लोगों की गई जान
हादसे में तीन महिलाओं और 12 पुरुषों समेत कुल 15 लोगों की मौत हुई है. कई घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राहत और बचाव कार्य घंटों तक चलता रहा. प्रशासन का कहना है कि सभी मृतकों की पहचान और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
दमकल और बचाव टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. बचावकर्मियों ने इमारत के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को बाहर निकाला. अधिकारियों ने पूरे परिसर की जांच कर सुरक्षा स्थिति का आकलन भी किया.
मुख्यमंत्री ने रद्द किए कार्यक्रम
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना निर्धारित अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया.