3 साल की मेहनत पर फिर गया पानी! NEET एग्जाम रद्द होने पर छात्र ने लगाया फंदा
लखीमपुर खीरी जिले में नीट परीक्षा रद्द होने के बाद एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. अब इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां 21 वर्षीय नीट अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब नीट यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के चलते कैंसिल कर दिया गया था. इस घटना से पूरे इलाके में शोक पसर गया है. साथ ही कॉम्पटीशन एग्जाम के दबाव को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
पेपर कैंसिल होने से परिशान था ऋतिक
जानकारी के मुताबिक ऋतिक मिश्रा ईसानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव का रहने वाला थ. वह नीट की तैयारी पिछले तीन सालों से कर रहा था और इस बार उसे परीक्षा पास करने का पूरा भरोसा था. ऋतिक अपनी तैयारी में कड़ी मेहनत की थी और परिवार को भी उम्मीद थी कि इस बार उनका बेटा परीक्षा पास कर ही लेगा. लेकिन 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दिया. उनके परिवार का कहना है कि सरकार के इस फैसले के बाद ऋतिक मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था.
14 मई को ऋतिक अपने घर के एक बंद कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला. परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद वह गहरे तनाव में था और अपने भविष्य को लेकर बहुत टेंशन में था. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. अधिकारियों के अनुसार कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मामले की जांच की जा रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
राहुल-प्रियंका ने घटना पर की टिप्पणी
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इसे एक 'टूटा हुआ सिस्टम' बताया. उन्होंने कहा कि छात्र परीक्षा से नहीं हार रहे हैं बल्कि सिस्टम में फैली गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के कारण मानसिक दबाव में आ रहे हैं. उन्होंने कई परीक्षा घोटालों का भी जिक्र किया और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है. स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.