'सीएम को इस तरह नहीं रोना चाहिए', वीडी सतीशन के भावुक होने पर बोलीं दिवंगत गुरु की पत्नी
VD सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले अपने दिवंगत गुरु G. कार्तिकेयन के घर पहुंचकर भावुक श्रद्धांजलि दी. इस दौरान वह रो पड़े, जिसके बाद गुरु की पत्नी ने उन्हें सांत्वना दी.
नई दिल्ली: केरल के मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण करने से पहले केरल कांग्रेस के नेता VD सतीशन अपने दिवंगत गुरु के घर गए और इस दौरान व भावुक होकर रो पड़े. इस दौरान दिवंगत गुरु की पत्नी ने उन्हें प्यार भरे लहजे में कहा कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह रोना नहीं चाहिए. इसके बाद उन्होंने अपनी भावनाओं पर काबू पाया और आसुओं के बीच में ही मुस्कुराने लगे.
दरअसल, केरल में कांग्रेस नीत गठबंधन UDF की जीत के बाद वीडी सतीशन को राज्य का अगला सीएम चुना गया है. वो 18 मई को सीएम पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह से पहले वीडी सतीशन शुक्रवार को कांग्रेस के दिवंगत दिग्गज नेता G. कार्तिकेयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर गए. इस दौरान कार्तिकेयन की पत्नी MT सुलेखा और उनके बेटे, कांग्रेस नेता K. सबरीनाथन ने उनका स्वागत किया. इस दौरान सतीशन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और रो पड़े. इस पर कार्तिकेयन की पत्नी ने उन्हें प्यार से डांटते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह रोना नहीं चाहिए.
दिग्गज नेता के साथ जुड़ाव को किया याद
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, सतीशन ने 2015 में दिवंगत हुए उस दिग्गज नेता के साथ अपने गहरे जुड़ाव को याद किया. सतीशन ने कहा कि मैं तो वह व्यक्ति था जो छात्र और युवा राजनीति से पूरी तरह दूर हो चुका था. जब मैं वापस लौटा, तो कार्तिकेयन जी ही थे जिन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मैं 1996 और 2001 में विधानसभा चुनाव लड़ूं.
संगठन की बेरुखी की वजह से मुख्यधारा की राजनीति से कर लिया था किनारा
गौरतलब है कि जब सतीशन का छात्र और युवा राजनीतिक करियर लगभग थम सा गया था. उन्हें बार-बार संगठन में महत्वपूर्ण पदों से वंचित रखा जा रहा था, तब सतीशन ने मुख्यधारा की राजनीति से किनारा कर लिया था और कुछ समय तक एक वकील के तौर पर काम किया था. कार्तिकेयन ही उन्हें वापस राजनीति में लाए. उन्होंने सतीशन को 1996 में परवूर सीट से चुनाव लड़ने के लिए राज़ी किया, जिसमें वे हार गए थे, और फिर 2001 में दोबारा चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया, जिसमें उन्हें आखिरकार जीत मिली.
बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटें जीतकर LDF के एक दशक के शासन को समाप्त कर दिया. सतीशन 2001 से लगातार परावुर सीट पर काबिज़ हैं, उन्होंने लगातार छह बार जीत हासिल की है और 2021 से लेकर 4 मई के नतीजों के साथ UDF की सत्ता में वापसी तक उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया.