जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम की आशंका के बीच अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. प्रशासन ने 19 जुलाई से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं की आगे की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी और भूस्खलन की संभावना जताई है. इसी को देखते हुए एहतियातन यात्रा स्थगित की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल बालटाल और नुनवान-चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन का कहना है कि मौसम और यात्रा मार्गों की पूरी समीक्षा के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा. यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है.
57 दिनों तक चलने वाली इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. यात्रा 28 अगस्त तक प्रस्तावित है. प्रशासन को उम्मीद है कि मौसम सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा फिर से सुचारु रूप से शुरू कराई जाएगी.
मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है. कुछ इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का भी खतरा बताया गया है. किसानों को भी इस अवधि में खेती से जुड़े कार्य रोकने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में 27 जुलाई तक हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं. प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार आगे का फैसला करेगा.
लगातार गर्मी और मौजूदा मौसम को देखते हुए कश्मीर संभाग तथा जम्मू के शीतकालीन क्षेत्रों के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 22 जुलाई तक बढ़ा दी गई हैं. पहले स्कूल सोमवार से खुलने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टियां तीन दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है.