इजराइल में युद्ध के बीच क्या सुरक्षित हैं यूपी के 6000 श्रमिक? योगी सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
इजराइल में जारी भीषण तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य प्रशासन भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में है और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.
नई दिल्ली: इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल रखा है, लेकिन इस तनावपूर्ण माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. इजराइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,000 से अधिक श्रमिक न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि राज्य की योगी सरकार उनकी स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विदेश में मौजूद राज्य के नागरिकों की सुरक्षा में कोई कोताही न बरती जाए. इसी क्रम में, प्रमुख सचिव (श्रम एवं रोजगार) डॉ. शनमुगा सुंदरम इजराइल में भारतीय दूतावास के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, दूतावास के अधिकारियों के माध्यम से श्रमिकों की कुशलक्षेम जानी जा रही है. राहत की बात यह है कि वर्तमान में किसी भी श्रमिक ने भारत लौटने के लिए कोई विशेष दबाव या मांग नहीं की है.
राजदूत ने दी सुरक्षा की गारंटी
प्रमुख सचिव डॉ. सुंदरम इजराइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह के साथ नियमित टेलीफोनिक संपर्क में हैं. राजदूत ने 11, 17 और 28 मार्च को हुए संवाद में स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश के सभी श्रमिक सुरक्षित हैं.
उन्होंने यह भी साझा किया कि हालांकि वहां के हालात से कुछ मानसिक चिंता जरूर है, लेकिन श्रमिक अपना सामान्य जीवन जी रहे हैं. इसका एक प्रमाण यह भी है कि हाल ही में यूपी के कुछ श्रमिकों ने भारत से आए पत्रकारों की मेजबानी भी की, जो वहां की स्थिति के नियंत्रण में होने का संकेत देता है.
वापसी के लिए प्रशासन तैयार
हेल्पलाइन सक्रिय भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी पुष्टि की है कि अब तक यूपी के श्रमिकों से जुड़ी कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई श्रमिक स्वेच्छा से वापस आना चाहता है, तो उसके लिए जॉर्डन के रास्ते पारगमन की व्यवस्था की जाएगी, जैसा कि कुछ व्यापारियों और छात्रों के लिए पहले किया जा चुका है.
श्रमिकों की सहायता के लिए इजराइल के 'जनसंख्या और अप्रवासन प्राधिकरण' द्वारा संचालित एक कॉल सेंटर भी सक्रिय है, जो विभिन्न भाषाओं में सहायता प्रदान कर रहा है. समय-समय पर होने वाले मिसाइल हमलों के बावजूद, वहां रह रहे भारतीयों के लिए स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है.