अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में नई विशेष जांच टीम ने अपनी जांच में काफी तेजी ला दी है. टीम अब हर दिन वर्चुअल तरीके से समीक्षा बैठक कर रही है. इसमें जांच के तथ्यों को बहुत बारीकी से जांचा जा रहा है. अधिकारी बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फोरेंसिक व वित्तीय विशेषज्ञों की मदद से मजबूत सबूत जुटा रहे हैं.
जांच अधिकारियों की रोजाना वर्चुअल मीटिंग हो रही है. टीम के सदस्य जांच की प्रगति पर चर्चा करते हैं और सभी तथ्यों का गहन आकलन करते हैं. प्रकरण के हर पहलू की समीक्षा की जा रही है. दिन में किसी भी समय अधिकारी एक-दूसरे से बात करके जानकारी साझा करते हैं. सूत्रों के अनुसार नियमित समीक्षा इसलिए की जा रही है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण बात छूटने न पाए.
अब तक आरोपियों से मिली धनराशि, आभूषण, संपत्तियों और वाहनों की बरामदगी पूरी हो चुकी है. गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देखे जा चुके हैं. आरोपियों के बयान और ट्रस्टियों की भूमिका की जांच भी पूरी कर ली गई है. शिकायतकर्ताओं को भी बुलाकर टीम ने उनसे पूछताछ की है.
जांच में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वीडियो फुटेज की जांच कराई गई है. इससे घटना से जुड़े मजबूत सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि सही और पूरी रिपोर्ट तैयार की जा सके. विवेचना कर रहे सर्कल ऑफिसर आशुतोष तिवारी भी तेजी से काम कर रहे हैं. वे लोगों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करवा रहे हैं. कई लोगों के कॉल डिटेल खंगाले गए हैं और उनसे जुड़े कागजात जमा किए गए हैं.
आठ आरोपियों से जुड़ी धनराशि और संपत्तियों की जांच के लिए लखनऊ समेत 12 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा जा चुका है. टीम अब इन जानकारियों की सच्चाई की भी जांच कर रही है. इस तरह की विस्तृत पड़ताल से मामले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.