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यूपी के स्कूलों की जमीनी हकीकत जांचेंगे अधिकारी, वायरल वीडियो पर सीएम योगी का बड़ा आदेश

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति जांचने को कहा है. भ्रामक वीडियो फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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Edited By: Babli Rautela
यूपी के स्कूलों की जमीनी हकीकत जांचेंगे अधिकारी, वायरल वीडियो पर सीएम योगी का बड़ा आदेश
Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर किसी वीडियो को गलत जानकारी के साथ या माहौल खराब करने की मंशा से प्रसारित किया जा रहा है तो ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाए. हालांकि, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी साफ निर्देश दिया है कि किसी भी वायरल वीडियो को सीधे गलत मानने के बजाय पहले उसकी वास्तविक स्थिति की जांच की जाए. इसके लिए अधिकारियों को स्कूलों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और वहां की व्यवस्थाओं की सच्चाई सामने लाने को कहा गया है.

स्कूलों की स्थिति खुद जाकर जांचेंगे अधिकारी

शनिवार को फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली. उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण करें. निरीक्षण के दौरान स्कूल की इमारत, कक्षाओं की स्थिति, मिड डे मील, बालक और बालिकाओं के लिए शौचालय तथा दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को देखा जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए. अगर किसी योजना में गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

वायरल वीडियो की भी होगी जांच

उत्तर प्रदेश के कई स्कूलों से जुड़े वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में स्कूलों की खराब व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़े दावे किए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि किसी भी वीडियो के वायरल होने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाना जरूरी है. कई बार किसी घटना को उसके पूरे संदर्भ से अलग करके भी सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा सकता है. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के आधार पर तुरंत निष्कर्ष निकालने के बजाय मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करने को कहा है.

मोहनलालगंज का वीडियो भी हुआ था वायरल

लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में बच्चों से स्कूल की जर्जर छत साफ कराने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो को लेकर स्कूलों की सुरक्षा और बच्चों की सुविधाओं पर सवाल उठे थे. इसी तरह झांसी से भी एक स्कूल का वीडियो सामने आया था, जिसमें जर्जर दीवारों, टपकती छत और जलभराव जैसी स्थिति दिखाई गई थी. इन घटनाओं के बाद सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हुई है. अब प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसे मामलों की मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.

स्कूलों से जुड़े वीडियो केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं. राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के स्कूलों से संबंधित वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में हैं. ऐसे माहौल में उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिश है कि वास्तविक समस्याओं की पहचान करके उनका समाधान किया जाए और गलत या भ्रामक जानकारी के जरिए माहौल खराब करने की कोशिशों पर भी रोक लगाई जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोनों स्तरों पर काम करने के निर्देश दिए हैं. एक तरफ वास्तविक समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण होगा, वहीं दूसरी तरफ जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.