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ऑपरेशन के दौरान पेट में छूटी रुई, बलरामपुर हॉस्पिटल पर FIR दर्ज; बाल-बाल बची महिला की जान

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में ऑपरेशन के दौरान मेडिकल टीम ने महिला के पेट में रुई छोड़ दिया. अस्पताल की मेडिकल टीम से हुई इस गलती के कारण उस महिला की जान पर बन आई.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
ऑपरेशन के दौरान पेट में छूटी रुई, बलरामपुर हॉस्पिटल पर FIR दर्ज; बाल-बाल बची महिला की जान
Courtesy: Pinterest

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्राइवेट हॉस्पिटल में एक डिलिवरी के समय हुई लापरवाही ने सबको हैरानी में डाल दिया. दरअसल डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान अस्पताल की मेडिकल टीम से हुई एक गलती के कारण उस महिला की जान पर बन आई.

दरअसल ऑपरेशन के दौरान मेडिकल टीम ने महिला के पेट में रुई छोड़ दिया. इस घटना के कुछ दिनों बाद अंजू देवी को तकलीफ होने लगी जिसके बाद उन्हें तुरंत ही दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही

दरअसल बलरामपुर से एक मामला सामने आ रहा है. कुछ दिनों पहले अंजू देवी नाम की एक महिला को एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन के बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी. परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर कई दिनों तक पैसे लिए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.

ऑपरेशन के बाद बढ़ती गई परेशानी

परिजनों के मुताबिक, महिला को लगातार पेट दर्द और बेचैनी बनी रही. जब अस्पताल में बार-बार दिखाने के बावजूद आराम नहीं मिला, तब परिवार को शक हुआ कि मामला सामान्य नहीं है. इसके बाद महिला को आगे की जांच के लिए बहराइच ले जाया गया.

जांच में खुली चौंकाने वाली सच्चाई

बहराइच में मेडिकल जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने सभी को हैरान कर दिया. रिपोर्ट में पता चला कि डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल स्पंज, यानी रुई, छूट गई थी. इसी वजह से अंदर इंफेक्शन फैल गया और आंतों में सड़न शुरू हो गई.

दोबारा ऑपरेशन से बची जान

महिला की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि महिला को तत्काल दो बार सर्जरी करानी पड़ी. डॉक्टरों की कड़ी निगरानी और समय रहते इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच सकी. परिवार का कहना है कि यदि जांच में देरी होती, तो परिणाम और भी गंभीर हो सकते थे.

स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही

मामले की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की. जांच में अस्पताल से जुड़े कई लोग जिम्मेदार पाए गए. इसके आधार पर अस्पताल संचालक बीडी कौटियाल, डॉक्टर प्रतिभा यादव और संतोष कुमार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.