menu-icon
India Daily

"अमेरिकी टैरिफ से न डरें, 10 नए देशों के साथ खोलेंगे व्यापार", टैरिफ वार पर अब सीएम योगी ने ट्रम्प को दिखाई आंख

International Kaleen Mela Bhadohi : सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष पहले कार्पेट उद्योग बंदी के कगार पर था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भदोही, मीरजापुर और वाराणसी के कार्पेट क्लस्टर को नई ऊर्जा मिली। भदोही को केंद्र बनाकर कार्पेट एक्सपो मार्ट की स्थापना की गई।

Kanhaiya Kumar Jha
Courtesy: X

International Kaleen Mela Bhadohi: भदोही में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कालीन एक्सपो में सीएम योगी ने शिरकत की. यहां लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों और निर्यातकों से कहा कि वे अमेरिकी टैरिफ से न डरें. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार किसी भी नुकसान की भरपाई के लिए 10 नए देशों के साथ व्यापार खोलेगी.

कालीन उद्योग पर वाशिंगटन की टैरिफ नीतियों के प्रभावों की निगरानी के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति की घोषणा भी की गई. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर हाई लेवल कमेटी का गठन किया है जो टैरिफ से उत्पन्न स्थिति पर लगातार काम कर रही है.

सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष पहले कार्पेट उद्योग बंदी के कगार पर था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भदोही, मीरजापुर और वाराणसी के कार्पेट क्लस्टर को नई ऊर्जा मिली. भदोही को केंद्र बनाकर कार्पेट एक्सपो मार्ट की स्थापना की गई. जब पहला एक्सपो हुआ था, तब विदेशी खरीदारों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन आज 88 देशों से तीन से चार सौ फॉरेन बायर्स यहां आ रहे हैं. यह बताता है कि ग्लोबल मार्केट में आपके कालीनों की मांग कितनी बढ़ी है. 

"वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट के तहत प्रत्येक जिले में विशिष्ट उद्योगों को प्रोत्साहित किया"

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार ने कार्पेट सेक्टर सहित एमएसएमई और ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट) योजना के तहत प्रत्येक जिले में विशिष्ट उद्योगों को प्रोत्साहित किया है. भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, फिरोजाबाद के ग्लास और वाराणसी के सिल्क को नई पहचान मिली है. 2017 में जब हमने ओडीओपी योजना शुरू की थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यूपी दो लाख करोड़ से अधिक का निर्यात करेगा, यह अब वास्तविकता बन चुकी है.

"कार्पेट उद्योग केवल व्यापार नहीं है, यह हमारे कारीगरों और हस्तशिल्पियों की जीवंत परंपरा है"

मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्पेट उद्योग केवल व्यापार नहीं है, यह हमारे कारीगरों और हस्तशिल्पियों की जीवंत परंपरा है. आज यह उद्योग 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार देता है और हर साल करीब 17 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है. महिला स्वावलंबन का यह सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है. सरकार का प्रयास है कि इस उद्योग को और अधिक महिलाओं से जोड़ा जाए ताकि वे घर पर रहकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.