नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे सीएम योगी, 28 मार्च को होने वाले उद्घाटन की तैयारियों का लिया जायजा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 28 मार्च लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का निरीक्षण किया. सुरक्षा, यातायात और जनसभा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों संग बैठक में कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने पर जोर दिया गया.

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Sagar Bhardwaj

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. 28 मार्च को प्रस्तावित इस बड़े कार्यक्रम से पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. हेलिकॉप्टर से सीधे एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के सभी स्थलों का निरीक्षण किया. इसके साथ ही अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा भी की गई.

स्थलीय निरीक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़े सभी प्रमुख स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने जनसभा स्थल, मंच और आवागमन मार्गों की स्थिति को देखा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर व्यवस्था समय से पूरी हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया.

उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा

निरीक्षण के बाद एयरपोर्ट कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. इसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ कार्यक्रम को सफल और ऐतिहासिक बनाने पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए. बैठक में कार्यक्रम के दौरान संभावित भीड़ और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से योजना तैयार की गई.

पहले से चल रही तैयारियां

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी हुई थी. इसमें अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में सुरक्षा, यातायात, अग्निशमन और बिजली विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया.

जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बैठक में आम लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने पार्किंग, यातायात और आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए. उद्देश्य यह है कि कार्यक्रम में आने वाले हर व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी न हो और वह सुरक्षित तरीके से कार्यक्रम में शामिल हो सके.