मंच पर भाषण देते समय फूट-फूटकर क्यों रोने लगे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद? वीडियो आया सामने

भाषण के दौरान डॉ. निषाद भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समाज के अधिकारों को दबाने की कोशिश की गई.

Anuj

लखनऊ: गोरखपुर में आयोजित एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद भावुक हो गए. निषाद समुदाय के आरक्षण की मांग को लेकर महंत दिग्विजय नाथ पार्क में आयोजित इस महारैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. आसपास के जिलों से पहुंचे समर्थकों ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर अपने नेता का जोरदार स्वागत किया.

कार्यक्रम में डॉ. संजय निषाद बाइक रैली के जरिए पहुंचे. मंच तक जाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने उन पर फूल बरसाकर अभिनंदन किया. अपने संबोधन में उन्होंने भीड़ का आभार जताते हुए कहा कि यह भीड़ किसी किराए की नहीं, बल्कि संघर्ष करने वाले लोगों की ताकत को दर्शाती है.  उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में इसी तरह की जनसभाएं आयोजित की जाएगी. 

विपक्ष पर साधा निशाना

अपने भाषण में उन्होंने खुद को समाज की आवाज बताते हुए कहा कि वह हर मंच पर निषाद समुदाय के मुद्दे उठाते हैं और उसका असर भी दिखाई देता है. उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वर्षों तक समाज को उनके अधिकारों से दूर रखा गया और विकास के अवसर नहीं दिए गए.

मंच पर भावुक हुए कैबिनेट मंत्री

भाषण के दौरान डॉ. निषाद भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समाज के अधिकारों को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और अपने हक के लिए संघर्ष तेज करने की अपील की.

पार्टी के विचारों को फैलाने का आह्वान

सभा में उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे समाज के बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और पार्टी के विचारों को फैलाने का आह्वान किया. और साथ ही उन्होंने अपनी लिखी पुस्तकों और आरक्षण से जुड़े विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही.

कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील

डॉ. निषाद ने बताया कि उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 11 विधायक हैं और वे लगातार अपने समुदाय के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे एकजुट रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और मजबूत बनाए.