AMU Holi Controversy: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में होली समारोह को लेकर अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम की टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने कहा कि, 'AMU में होली धूमधाम से मनाई जाएगी और इसके लिए किसी की अनुमति की जरुरत नहीं है. गौतम ने आगे कहा, 'मेरे रहते हुए AMU में धूम-धाम से होली मनाई जाएगी, अगर छात्रों के साथ कोई मारपीट करेगा तो उसे ऊपर से पहुंचा दिया जाएगा.
"यह बयान विश्वविद्यालय द्वारा 'होली मिलन' कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार करने पर विवाद के बीच आया है. जिस कारण परिसर में विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ छात्रों ने 9 मार्च को एक विशेष होली कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एएमयू प्रशासन से अनुमति मांगी, लेकिन उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया.
अलीगढ़ से BJP के सांसद सतीश गौतम कहते हैं “हर हाल में AMU में होली मनाई जाएगी. जो भी रोकेगा, उसे ऊपर पहुँचा देंगे” pic.twitter.com/n3yrDujYXG
— पंकज झा (@pankajjha_) March 7, 2025
करणी सेना के सदस्यों ने किया विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इसके जवाब में अखिल भारतीय करणी सेना के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिल भारतीय करणी सेना के अध्यक्ष यानेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि हिंदू छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा हैं. उन्होंने कहा, "कुछ एएमयू छात्रों ने 'होली मिलन' कार्यक्रम मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने मना कर दिया. हमने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि एएमयू में हिंदू छात्रों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है.' चौहान ने यह भी चेतावनी दी कि यदि विशेष होली कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी गई तो वे 10 मार्च को परिसर में प्रवेश करेंगे और छात्रों के साथ होली मनाएंगे.
AMU प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान का आया बयान
इस बीच, एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान ने विश्वविद्यालय के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि, 'अनुरोध पर विचार किया गया था, लेकिन संस्थान की नीतियों के अनुरूप इसे अस्वीकार कर दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया, "26 फरवरी को, पांच छात्रों ने एक साइन की हुआ पत्र प्रस्तुत किया जिसमें 9 मार्च को एक विशेष होली कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी. विश्वविद्यालय ने फैसला किया कि इससे पहले कभी भी ऐसी कोई विशेष अनुमति नहीं दी गई थी, और उसी नीति का पालन किया जाएगा. होली छात्र अपने-अपने विभागों और छात्रावासों में मनाते हैं, और विश्वविद्यालय किसी भी विशेष समारोह के लिए अनुमति देने के पक्ष में नहीं है.' इस पूरे प्रकरण से गरमागरम बहस और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, तथा राजनीतिक हस्तियों और छात्र समूहों ने मुद्दे के दोनों पक्षों पर अपनी तीखी राय व्यक्त की है.
#WATCH | Aligarh | Proctor of Aligarh Muslim University (AMU) Professor Wasim Ali Khan says, "On 26th February, five students had given to me a signed letter addressing the Vice-Chancellor requesting the VC to assign them a location to organise a special event for Holi… pic.twitter.com/zApQs00MPF
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 6, 2025