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'ऊपर पहुंचा दिया जाएगा', AMU में होली को लेकर विवाद पर भाजपा सांसद के बिगड़े बोल

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में होली समारोह को लेकर अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम की टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने कहा कि, 'AMU में होली धूमधाम से मनाई जाएगी और इसके लिए किसी की अनुमति की जरुरत नहीं है.

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Edited By: Garima Singh
'ऊपर पहुंचा दिया जाएगा', AMU में होली को लेकर विवाद पर भाजपा सांसद के बिगड़े बोल
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AMU Holi Controversy: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में होली समारोह को लेकर अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम की टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने कहा कि, 'AMU में होली धूमधाम से मनाई जाएगी और इसके लिए किसी की अनुमति की जरुरत नहीं है. गौतम ने आगे कहा, 'मेरे रहते हुए AMU में धूम-धाम से होली मनाई जाएगी, अगर छात्रों के साथ कोई मारपीट करेगा तो उसे ऊपर से पहुंचा दिया जाएगा.

"यह बयान विश्वविद्यालय द्वारा 'होली मिलन' कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार करने पर विवाद के बीच आया है. जिस कारण परिसर में विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ छात्रों ने 9 मार्च को एक विशेष होली कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एएमयू प्रशासन से अनुमति मांगी, लेकिन उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया. 

करणी सेना के सदस्यों ने किया विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 

इसके जवाब में अखिल भारतीय करणी सेना के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिल भारतीय करणी सेना के अध्यक्ष यानेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि हिंदू छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा हैं. उन्होंने कहा, "कुछ एएमयू छात्रों ने 'होली मिलन' कार्यक्रम मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने मना कर दिया. हमने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि एएमयू में हिंदू छात्रों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है.' चौहान ने यह भी चेतावनी दी कि यदि विशेष होली कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी गई तो वे 10 मार्च को परिसर में प्रवेश करेंगे और छात्रों के साथ होली मनाएंगे. 

AMU प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान का आया बयान 

इस बीच, एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान ने विश्वविद्यालय के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि, 'अनुरोध पर विचार किया गया था, लेकिन संस्थान की नीतियों के अनुरूप इसे अस्वीकार कर दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया, "26 फरवरी को, पांच छात्रों ने एक साइन की हुआ पत्र प्रस्तुत किया जिसमें 9 मार्च को एक विशेष होली कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी. विश्वविद्यालय ने फैसला किया कि इससे पहले कभी भी ऐसी कोई विशेष अनुमति नहीं दी गई थी, और उसी नीति का पालन किया जाएगा. होली छात्र अपने-अपने विभागों और छात्रावासों में मनाते हैं, और विश्वविद्यालय किसी भी विशेष समारोह के लिए अनुमति देने के पक्ष में नहीं है.' इस पूरे प्रकरण से गरमागरम बहस और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, तथा राजनीतिक हस्तियों और छात्र समूहों ने मुद्दे के दोनों पक्षों पर अपनी तीखी राय व्यक्त की है.