Bareilly Violence: मौलाना तौकीर रजा दूसरे जेल में शिफ्ट, इंटरनेट सेवा ठप; पढ़ें बरेली बवाल से जुड़े 10 बड़े अपडेट्स
Bareilly Violence: शुक्रवार को बरेली में 'आई लव मोहम्मद' विवाद को लेकर जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी. पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया. माहौल को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है.
Bareilly Violence: शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 'आई लव मोहम्मद' विवाद को लेकर हिंसा भड़क उठी, जो अब राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है. इस हिंसा को भड़काने के आरोप में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. इस हिंसा के बाद प्रशासन ने माहौल को नियंत्रित रखने के लिए बरेली में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. इंटरनेट बंदी की यह अवधि 29 सितंबर रात तक जारी रहेगी.
बरेली में शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ पुलिस ने दस अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं और उन्हें बलवा फैलाने का आरोपी माना है. पुलिस के मुताबिक, मौलाना ने जानबूझकर विवाद को तूल दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ी. इसके बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर को गिरफ्तार कर लिया और शनिवार को उसे दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट कर दिया गया.
48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद
बरेली में स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन ने 27 सितंबर को रात 12:30 बजे से लेकर 29 सितंबर रात 12:30 बजे तक जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. इसके साथ ही टेलीकॉम सेवाएं भी निलंबित की गई हैं. यह कदम स्थिति को नियंत्रित करने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है. प्रशासन का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाते, इंटरनेट सेवा बंद रहेगी.
मौलाना तौकीर को फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया
मौलाना तौकीर रजा को सुरक्षा कारणों के चलते गुपचुप तरीके से फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया गया है. जिला प्रशासन ने उसे कोर्ट में पेश करने के बाद फतेहगढ़ जेल भेज दिया. वहां के जेल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. मौलाना की गिरफ्तारी और शिफ्टिंग के बाद बरेली में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है.
हिंसा वाली जगह पर आपत्तिजनक सामग्री
शनिवार को बरेली एसएसपी और डीएम ने प्रेस कांफ्रेंस में हिंसा की जगह से बरामद की गई सामग्री के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस को वहां से जूतों का ढेर, भारी पत्थर, जिंदा कारतूस, तमंचा, लाठी-डंडे और पेट्रोल की बदबू वाली खाली बोतलें मिलीं. इससे साफ पता चलता है कि हिंसा को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था. पुलिस के अनुसार, इन सामग्रियों का इस्तेमाल बवाल बढ़ाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था.
एसआईटी करेगी जांच
बरेली हिंसा मामले में योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मामले की गहन जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपियों को सख्त सजा मिले. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को हिंसा के सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है, ताकि कोई भी दोषी बचे न.
पथराव में 22 पुलिसकर्मी घायल
बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर पथराव और गोलीबारी की गई, जिसमें 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने कई इलाकों में बड़ी संख्या में पत्थर और हथियार बरामद किए हैं. पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इकट्ठा किया गया और हिंसा फैलाने की योजना बनाई गई थी. इस घटनाक्रम में कुल 39 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है.
CM योगी का कड़ा बयान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरेली हिंसा को लेकर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मौलाना ने यह समझा था कि वह यूपी में सरकार को चुनौती दे सकता है, लेकिन अब उसे समझ में आ जाएगा कि यूपी में शासन किसका है. हम कर्फ्यू नहीं लगाएंगे, लेकिन ऐसे उपद्रवियों को ऐसा सबक देंगे कि आने वाली पीढ़ियां भी दंगे करने का ख्याल न करें.' CM योगी ने यह भी कहा कि दंगा करने वालों को उनके ही अंदाज में जवाब दिया जाएगा.
SP और कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं
बरेली हिंसा पर सपा और कांग्रेस दोनों ने प्रतिक्रिया दी है. सपा ने इस मामले में उच्च न्यायिक जांच की मांग की है. सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा, 'बरेली में हुए बर्बर लाठीचार्ज की जांच एक मौजूदा जज से कराई जाए.' वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इसे भाजपा की साजिश बताया और कहा कि बरेली में जो हुआ, उसका फायदा भाजपा उठाना चाहती है. अल्वी का कहना था कि यह एक बड़ी साजिश है, जो भाजपा द्वारा की गई है.
हिंदू महासभा ने एनकाउंटर की मांग की
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने दंगा भड़काने वालों का एनकाउंटर करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि दंगा फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए. उनका कहना था कि अगर सरकार ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तो भविष्य में कोई भी दंगा करने का साहस नहीं करेगा.
मंत्री संजय निषाद का बयान
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इस देश में हिंसा की कोई जगह नहीं है. उन्होंने बरेली हिंसा को लेकर कहा, 'हमारी सरकार माफिया और दहशतगर्दों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. जो लोग हिंसा करेंगे, उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा. योगी सरकार दंगा मुक्त और अपराध मुक्त यूपी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.'
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