IPL 2026

मदरसे में नाबालिग लड़के के साथ अननेचुरल सेक्स, 40 Video बनाकर इंस्टाग्राम पर किया अपलोड, 20 साल का छात्र निकला आरोपी

पुलिस ने बताया कि सोमवार को बरेली के एक पुलिस स्टेशन में बीएनएस धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर इरादा) और 353 (2) (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई.

Pinterest
Reepu Kumari

Bareilly madrasa unnatural sex: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक मदरसे में 20 साल का लड़का एक 13 साल के लड़के को 2 साल से यौन शोषण कर रहा था. छात्र को कथित तौर पर अपने जूनियर का करीब दो साल तक यौन शोषण करने के आरोप में मंगलवार 24 जून को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अश्लील वीडियो बनाए. इतना ही नहीं वो 13 वर्षीय लड़के को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा. जानकारी के लिए आपको बता दें आरोपी दो साल सा पीड़ित के साथ अननेचुरल सेक्स कर रहा था.

एसपी अंशिका वर्मा की मानें तो आरोपी को पकड़ लिया गया. जांच में आरोपी के पास मौजूद मोबाइल फोन को अनलॉक करवाया गया. मोबाइल की जब तलाशी ली गई तो पुलिस की आंखे फटी की फटी रह गई.  जांच में उसी मदरसे में पढ़ने वाले एक नाबालिग लड़के से जुड़ी 40 से अधिक अश्लील क्लिप मिलीं.

कई धाराओं के तहत केस दर्ज

मीडिया एजेंसी की मानें तो बाद में, लड़के के पिता की शिकायत पर, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 140 (4) (नुकसान, गुलाम बनाने या यौन शोषण के इरादे से अपहरण) और 351 (3) (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ पोक्सो और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई.हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने मदरसे के अन्य बच्चों को भी निशाना बनाया था.

क्यों करता था ऐसे अपराध

बरेली का रहने वाला यह आरोपी छात्र कथित तौर पर एक चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक समूह चलाता हुआ पाया गया. पुलिस ने कहा कि समूह कथित तौर पर एक विशेष समुदाय की महिलाओं को लक्षित करता था, जहां उनके खिलाफ धार्मिक घृणा भड़काने के लिए भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जाती थी.

ग्रुप बनाकर भेजता था वीडियो

पुलिस ने बताया कि सोमवार को बरेली के एक पुलिस स्टेशन में बीएनएस धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर इरादा) और 353 (2) (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई.

यह मामला तब प्रकाश में आया जब शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी ने धोखे से उसी मदरसे के 17 वर्षीय छात्र के फोन का इस्तेमाल करके ग्रुप बनाया और चलाया, और बाद में छात्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.