फ्लोर टेस्ट में 'AAP' का शक्ति प्रदर्शन, 88 विधायकों के समर्थन से मान सरकार ने साबित किया बहुमत

पंजाब विधानसभा में आप सरकार ने फ्लोर टेस्ट में 94 में से 88 वोट हासिल कर बहुमत साबित किया. विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने अपनी एकजुटता दिखाई.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को सियासी हलचल के बीच आम आदमी पार्टी की सरकार ने विश्वास मत हासिल कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव को सदन में भारी समर्थन मिला. कुल 94 विधायकों में से 88 ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि चार विधायक अनुपस्थित रहे और दो विधायक जेल में होने के कारण हिस्सा नहीं ले सके. 

सदन में हुए मतदान के दौरान सरकार को स्पष्ट बहुमत मिला. 88 विधायकों का समर्थन इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर एकजुटता बनी हुई है. विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच यह परिणाम सरकार के लिए बड़ी राहत लेकर आया. मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि उनकी सरकार पूरी मजबूती से काम कर रही है.

विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री का जवाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके आरोप जमीनी सच्चाई से दूर हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को अस्थिर बताने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन विश्वास मत ने सभी अटकलों को खत्म कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जनता के हित में लगातार काम कर रही है और किसी भी तरह की अफवाहों का कोई आधार नहीं है.

अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश

सरकार ने विश्वास प्रस्ताव लाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि वह पूरी तरह स्थिर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो रहा था. ऐसे में सदन में बहुमत साबित करना जरूरी था, ताकि जनता और विधायकों के बीच स्पष्टता बनी रहे.

वित्त मंत्री का समर्थन और विपक्ष पर हमला

हरपाल सिंह चीमा ने भी मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और सभी विधायक एकजुट होकर काम कर रहे हैं. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बेबुनियाद बातें फैलाकर राजनीतिक माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहा है.

राजनीतिक संदेश और आगे की राह

इस विश्वास मत के बाद सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह अपने एजेंडे पर आगे बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की भलाई और विकास कार्यों को गति देना है. अब जब बहुमत स्पष्ट हो गया है, तो सरकार बिना किसी रुकावट के अपने वादों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी.