बरेली: सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. कांवड़ यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. प्रशासन ने कांवड़ रूट पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों और अंडों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है.
साथ ही कांवड़ियों के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा और प्रसाद के रूप में पौधों का वितरण भी किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी है.
बरेली के प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का विशेष स्वागत किया जाएगा. अलखनाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर और वनखंडीनाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के ऊपर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे. इसके अलावा रामगंगा पुल सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों पर भी पुष्प वर्षा की जाएगी, जिससे कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया जा सके.
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की भी योजना बनाई है. वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रमुख मंदिरों के माध्यम से कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में पौधे उपलब्ध कराए जाएं. इस अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा सके.
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार के मांसाहारी उत्पाद या अंडों की बिक्री नहीं होगी. सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट एप के स्टीकर लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके. अधिकारियों को बिना लाइसेंस संचालित दवा और खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण की संख्या बढ़ाने तथा दुकानों पर साफ सफाई और खाद्य गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
बरेली बदायूं राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य को देखते हुए प्रशासन ने एनएचएआई अधिकारियों को सावन शुरू होने से पहले सड़क की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं. जहां यातायात प्रभावित हो रहा है वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने और यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले डायवर्जन लागू करने की योजना बनाई गई है, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.