Ayodhya rape case: 12 साल की बच्ची का अबॉर्शन कराने को तैयार हुआ परिवार, गैंगरेप पीड़िता का लखनऊ में चल रहा है इलाज

Ayodhya rape case: अयोध्या में बेकरी मालिक जो कि समाजवादी पार्टी के नेता भी हैं पर कथित रूप से एक 12 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप करने का मामला सामने आया है जिसके बाद सियासत तेज हो गई है. फिलहाल इस मामले में 12 वर्षीय गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने अबॉर्शन कराने की हामी भर दी है.

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Ayodhya rape case: अयोध्या में एक बेकरी मालिक और उसके कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर गैंगरेप की शिकार 12 वर्षीय लड़की के परिवार ने प्रेग्नेंसी को समाप्त करने की सहमति दे दी है. 12 सप्ताह की गर्भवती पीड़िता मौजूदा समय में लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज करा रही है.

प्रेग्नेंसी समाप्त करने के बाद हो सकता है डीएनए टेस्ट

सूत्रों ने बताया कि मेडिकल टीम पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा के बाद प्रेग्नेंसी को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. दुष्कर्म मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस मामले को मजबूत करने के लिए भ्रूण का डीएनए टेस्ट करने की योजना बना रही है.

अयोध्या के मुख्य मेडिकल अधिकारी संजय जैन ने कहा, "लड़की को बेहतर इलाज के लिए सोमवार को लखनऊ ट्रांसफर किया गया था. उसके साथ डॉक्टरों की एक टीम गई थी."

रेप कर वीडियो बनाने का लगा है आरोप

समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता 62 वर्षीय मोईद खान और उनके कर्मचारी को 30 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने बेकरी में काम करने वाली 12 वर्षीय लड़का का बलात्कार किया, उसे प्रेग्नेंट किया और बेचैन कर देने वाली इस घटना का वीडियो भी बनाया.

जैन ने कहा, "लड़की के परिवार ने सहमति दे दी है और अब उसकी देखभाल कर रहे डॉक्टर अबॉर्शन के लिए अगले कदम का फैसला करेंगे."

डॉक्टर्स की स्पेशल निगरानी में है पीड़िता

लड़की लखनऊ के एक अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में है, जहां उसकी चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है. उसकी गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए हैं.

अयोध्या की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष सरस्वती अवस्थी ने कहा कि पीड़िता की देखभाल के लिए एक महिला सहायक नियुक्त की गई है. 

अवस्थी ने कहा, "पोस्को अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियुक्त सहायक पीड़िता के साथ रहेगी और उसका समर्थन करेगी."

प्रेग्नेंसी की खबर मिलने पर दर्ज कराया केस

अवस्थी ने बताया कि वे राज्य की योजनाओं के माध्यम से पीड़िता को सहायता प्रदान करने के तरीकों का पता लगा रहे हैं. पीड़िता अपनी मां, बड़े भाई और बहन के साथ रहती है. उसके पिता का दो साल पहले निधन हो गया था. पुलिस ने 29 जुलाई को पेट में दर्द की शिकायत करने वाली लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था.

पिछले शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच की जाएगी. बिकापुर विधायक अमित सिंह चौहान भी बैठक में मौजूद थे.

मामले की हो रही है जांच

बैठक के एक दिन बाद, अयोध्या जिला प्रशासन ने आरोपी की बेकरी को ध्वस्त कर दिया, जिसमें दावा किया गया कि इसे एक तालाब को समतल करके अवैध रूप से बनाया गया था. आरोपी की अन्य संपत्तियों के बारे में विस्तृत जांच की जा रही है. रविवार को भाजपा के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. यह बैठक खान की बेकरी को ध्वस्त किए जाने के एक दिन बाद हुई.

समाजवादी पार्टी नेता ने दुष्कर्म के आरोप को साफ करने के लिए डीएनए टेस्ट की मांग की है, साथ ही पीड़िता को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है.