अयोध्या राम मंदिर में नई व्यवस्था शुरू, चढ़ावे की गिनती के बदले नियम; कर्मचारियों को मिलेगा साप्ताहिक अवकाश
श्री राम मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे की गणना के नियम बदल दिए गए हैं. अब रविवार को गणना नहीं होगी और कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलेगा. गणना अब दो पालियों के बजाय एक पाली में होगी.
अयोध्या: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक रविवार को चढ़ावे की गणना नहीं होगी और इस दिन कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा. नई नियमावली लागू कर दी गई है, जिसके तहत गणना प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है.
सूत्रों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत 12 जुलाई के बाद से रविवार को चढ़ावे की गणना नहीं की जा रही है. इस फैसले का उद्देश्य कर्मचारियों को नियमित विश्राम देना और नई गणना प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करना है. वर्तमान में श्री राम मंदिर में प्रतिदिन लगभग 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हो रहा है.
चढ़ावे की गिनती किस प्रकार होती है?
हाल ही में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद गणना प्रक्रिया चर्चा में आ गई थी. इसके बाद यह जांच की गई कि चढ़ावे की गिनती किस प्रकार होती है, कितने कर्मचारी इसमें तैनात हैं और बैंक तथा मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए अनुबंध की शर्तों का पालन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं. इन सभी पहलुओं की विशेष जांच टीम ने समीक्षा की है.
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जांच के बाद बैंक और मंदिर ट्रस्ट के बीच नई सहमति बनी, जिसके तहत चढ़ावे की गणना अब दो पालियों के बजाय केवल एक पाली में की जाएगी. पहले कर्मचारियों को दो अलग अलग पालियों में लगभग छह छह घंटे काम करना पड़ता था, जबकि नई व्यवस्था में एक ही पाली में करीब नौ घंटे तक गणना का कार्य किया जाएगा. इससे पूरी प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है.
नई नियमावली में क्या हुए बदलाव?
नई नियमावली लागू होने के बाद कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों ने इस व्यवस्था में काम जारी नहीं रखने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि लगभग 20 से 22 कर्मचारी इस प्रक्रिया से अलग हो गए हैं. ये सभी कर्मचारी बैंक की ओर से अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए थे. उन्हें नियुक्त करने के लिए बैंक ने वाराणसी की एक निजी फर्म के साथ अनुबंध किया था.
बैंक सूत्रों क्या है कहना?
बैंक सूत्रों का कहना है कि वर्तमान समय में पहले की तुलना में चढ़ावे की राशि कम हो गई है. जब दो पालियों की व्यवस्था शुरू की गई थी, तब प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का चढ़ावा आता था. उस समय दान पात्रों की संख्या भी बढ़ाई गई थी और लगभग 40 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी. अब चढ़ावे में स्थिरता आने के कारण कर्मचारियों की संख्या आवश्यकता से अधिक मानी जा रही थी.
बैंक अधिकारियों के अनुसार भविष्य में इस कार्य में नियमित बैंक कर्मचारियों की भी तैनाती की जा सकती है. फिलहाल नई व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है और इसके परिणामों पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों ने रविवार को साप्ताहिक अवकाश लागू होने की पुष्टि करते हुए कहा कि आवश्यकता के अनुसार आगे भी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.