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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत! नोएडा-ग्रेटर और नोएडा के बीच बनेगा 31 KM लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे

नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक बनने वाले 31 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है. अब यह सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा तक जाएगा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत! नोएडा-ग्रेटर और नोएडा के बीच बनेगा 31 KM लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे
Courtesy: Pinterest

नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित 31 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे परियोजना में बड़ा बदलाव किया गया है. नोएडा प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में संशोधन करते हुए इसे अब यमुना पुस्ते के अंदर डूब क्षेत्र की बजाय शहर की तरफ से बनाने का फैसला किया है. इस बदलाव के बाद एक्सप्रेसवे सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा तक जाएगा.

अधिकारियों के अनुसार पहले इस परियोजना को डीएनडी से शुरू करने की योजना थी, लेकिन रास्ते में ओखला पक्षी विहार और यमुना नदी आने के कारण तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियां सामने आईं. इन्हीं कारणों से अलाइनमेंट में बदलाव किया गया. 

कहां से मिलेगा यह एक्सप्रेसवे?

अब यह एक्सप्रेसवे सेक्टर-94 से बनाया जाएगा और यहां तक लोगों की पहुंच के लिए निर्माणाधीन चिल्ला एलिवेटेड रोड का उपयोग किया जाएगा. परियोजना के तहत चिल्ला एलिवेटेड रोड और नए एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा अतिरिक्त एलिवेटेड रोड भी बनाया जाएगा. इससे वाहन चालकों को बिना किसी बाधा के सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी.

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने क्या बताया?

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए चार प्रमुख लूप बनाए जाएंगे. पहला लूप डीएनडी के पास दूसरा महामाया फ्लाईओवर के निकट, तीसरा सेक्टर-128 स्थित जेपी विश टाउन के पास और चौथा लूप सेक्टर-150 में प्रस्तावित है. इन लूपों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहन आसानी से एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकेंगे.

कितने लेन में बनाया गया यह एक्सप्रेसवे?

यह एलिवेटेड एक्सप्रेसवे छह या आठ लेन का बनाया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4300 करोड़ रुपये बताई जा रही है. पूरा एलिवेटेड ट्रैक यमुना पुस्ता बंध रोड के समानांतर नोएडा की ओर बनाया जाएगा. इसके लिए नोएडा प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगा.

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि पहले प्रस्तावित मार्ग यमुना के डूब क्षेत्र से होकर गुजर रहा था, जहां कई मोड़ आने के कारण निर्माण कार्य जटिल हो रहा था. नए अलाइनमेंट से परियोजना अधिक व्यवहारिक और सुगम हो जाएगी.

कौन कर रहा परियोजना रिपोर्ट तैयार?

इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एनएचएआई की सलाहकार कंपनी तैयार कर रही है. जल्द ही विशेषज्ञों की टीम क्षेत्र का सर्वे और फिजिबिलिटी अध्ययन करेगी. इसके आधार पर अंतिम डीपीआर तैयार होगी. परियोजना के लिए जिन स्थानों पर भूमि संबंधी विवाद हैं, उन्हें 31 जुलाई तक सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इस एक्सप्रेसवे के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा आसान होगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और लोगों का समय भी बचेगा.