वाराणसी: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू ने गुरुवार को वाराणसी एयरपोर्ट से एयर इंडिया की नई 'ईजी कनेक्ट' सेवा का शुभारंभ किया. इस सेवा के शुरू होने से अब छोटे शहरों के लोगों के लिए विदेश यात्रा बहुत आसान हो गई है.
केंद्र सरकार के हब-ऐंड-स्पोक मॉडल के तहत शुरू की गई इस सुविधा से यूरोप, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के 17 देशों तक सीधा कनेक्शन मिल सकेगा. मंत्री नायडू ने सेवा शुरू करते हुए कहा कि पहले दुनिया भर से लोग काशी (वाराणसी) आते थे, अब काशी से लोग पूरी दुनिया घूम सकेंगे.
उन्होंने बताया कि अगले छह हफ्तों में देश के छह और शहरों से भी यह सेवा शुरू हो जाएगी. इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़ने में बहुत सुविधा होगी. शुभारंभ के पहले दिन 180 यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया. इनमें से 26 यात्री दिल्ली होते हुए छह अलग-अलग देशों की यात्रा पर रवाना हुए. इन यात्रियों में तीन विदेशी भी शामिल थे.
इस नई सेवा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यात्री वाराणसी जैसे अपने घर के एयरपोर्ट पर ही अपना सामान और चेक-इन पूरी यात्रा के लिए कर सकते हैं. दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट पर उन्हें सामान निकालने या दोबारा चेक-इन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन की प्रक्रिया भी शुरुआती एयरपोर्ट पर ही पूरी हो जाएगी. इससे यात्रियों को हब एयरपोर्ट पर लंबी कतारों में खड़े होने या अनजान जगह पर परेशानी झेलने से छुटकारा मिलेगा.
वाराणसी से दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के अंदर यात्री लंदन, फ्रैंकफर्ट, मिलान, रोम, ज्यूरिख, सिंगापुर, कुआलालंपुर, दुबई, रियाद और मनीला समेत कई बड़े शहरों के लिए आसानी से उड़ान पकड़ सकेंगे.
मंत्री नायडू ने इस मौके पर बताया कि देश में अगले कुछ वर्षों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाए जाएंगे. खासकर पूर्वोत्तर राज्यों और दूर-दराज के इलाकों में हेलीपैड बनाने पर जोर दिया जाएगा. उड़ान योजना के तहत अगले 10 साल में 2900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम तेजी से चल रहा है. मंत्री ने बुधवार रात खुद एयरपोर्ट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए. नए टर्मिनल भवन का काम दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है. पूरा विस्तारीकरण प्रोजेक्ट 13 महीने में खत्म होगा.