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वो कंपनी जिसने लीक किए थे यूपी पुलिस भर्ती के पेपर, लाखों छात्रों के भविष्य से किया था खिलवाड़

यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा लीक मामले में चौंकाने वाले खुलासे के बाद प्रदेश सरकार ने एजुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है. यह वही कंपनी है जिसे इस परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. मामले की जांच कर रही एसटीएफ का दावा है कि कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या कानूनी सजा से बचने के लिए विदेश भाग गया है और इस वक्त अमेरिका में रह रहा है.

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वो कंपनी जिसने लीक किए थे यूपी पुलिस भर्ती के पेपर,  लाखों छात्रों के भविष्य से किया था खिलवाड़
Courtesy: Social media

UP Police Constable Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. सिपाही भर्ती परीक्षा कराने वाली कंपनी एजुटेस्ट को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. दरअसल, एसटीएफ को अपनी जांच में कंपनी की लापरवाही के सबूत मिले हैं. वहीं कई नोटिस के बाद भी कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या ने एसटीएफ के समक्ष अपना बयान दर्ज नहीं कराया है. बताया जा रहा है कि विनीत आर्या इस वक्त अमेरिका में है. जया आर्या भी इस कंपनी की निदेशक हैं हालांकि उनके बारे में सटीक जानकारी सामने नहीं आई है कि वह विनीत आर्या की पत्नी हैं या बहन.

क्या करती है कंपनी 
एजुटेस्ट कंपनी की स्थापना साल 1982 में हुई थी. कंपनी की प्रोफाइल के अनुसार, वह पूरे भारत में पेपर-पेंसिल परीक्षा कराने के लिए समाधान मुहैया कराने का दावा करती है. कंपनी के पूरे भारत में 100 से अधिक ग्राहक हैं.
अब तक यह कंपनी 1600 से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे चुकी है और अब तक 85 करोड़ परीक्षाएं करा चुकी है. कंपनी का दावा है कि वह हर साल विभिन्न क्षेत्रों की 5 करोड़ परीक्षाएं आयोजित करती है. वर्तमान में कंपनी के 201-500 कर्मचारी हैं. कंपनी का मुख्यालय गुजरात के अहमदाबाद में है.

दाएं एजुटेस्ट कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या
दाएं एजुटेस्ट कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या 

6 महीने के भीतर दोबारा होगी परीक्षा
पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 महीने के भीतर पेपर दोबारा करवाने के निर्देश दिये थे. ऐसे में अब जल्द ही दोबारा उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की डेट जारी की जा सकती है. जानकारी के मुताबिक, भर्ती बोर्ड ने पुलिस कप्तानों से परीक्षा सामग्री रखे जाने वाले कोषागार की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि आपके कोषागार कितने सुरक्षित हैं. भर्ती बोर्ड इस बार परीक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता है. गौरतलब है कि 60244 सिपाहियों की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी.