नोएडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनसे 9 चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं. यह चोर एक संगठित गैंग का हिस्सा थे, जो विशेष रूप से नोएडा और दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चुराने में लिप्त थे. पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ के बाद इस गैंग के कारनामों का खुलासा किया है.
चेकिंग के दौरान हुई गिरफ्तारी
सेक्टर 126 नोएडा पुलिस की एक टीम ने रायपुर पुश्ता रोड के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की. इस दौरान, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो उनके पास से एक तमंचा .315 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रायपुर पुश्ता के पास झाड़ियों में छुपाई गईं 7 और मोटरसाइकिलों को बरामद किया. कुल मिलाकर 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं, जिनमें से कुछ दिल्ली और आसपास के इलाकों से चुराई गई थीं.
चोरी की कई घटनाओं को दिया अंजाम
डीसीपी नोएडा, रामबदन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया कि वे एनसीआर क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहे थे. उन्होंने बताया कि उनका गैंग खासकर उन स्थानों को निशाना बनाता था जहां वाहन पार्किंग में खड़े होते थे या सड़क किनारे रात के समय अकेले छोड़ दिए जाते थे. आरोपियों का कहना था कि वे पहले उस स्थान का निरीक्षण करते थे और फिर सुरक्षा की कमी का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल चोरी कर लेते थे.
ऑन डिमांड करते थे मोटरसाइकिल चोरी
आरोपियों ने बताया कि उनका गैंग बहुत संगठित था, जिसमें हर सदस्य का एक विशिष्ट कार्य था. कुछ सदस्य मोटरसाइकिलों का निरीक्षण करते थे, जबकि अन्य सदस्य चोरी की गई मोटरसाइकिलों को छिपाने या बेचने का काम करते थे. यदि किसी ने उन्हें चोरी करते हुए देख लिया या पकड़ने की कोशिश की, तो वे तमंचे का भय दिखाकर मौके से फरार हो जाते थे. उनका मकसद हमेशा यह था कि वे मोटरसाइकिलों को अन्य शहरों में भेजकर आसानी से पहचान से बच जाएं.
20 से अधिक मोटरसाइकिल चुराईं
आरोपियों ने खुलासा किया कि अब तक वे 20 से अधिक मोटरसाइकिलें चुरा चुके थे, जिनमें से अधिकांश दिल्ली, नोएडा जैसे व्यस्त क्षेत्रों से चुराई गई थीं. चुराई गई मोटरसाइकिलों को वे सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर रखते थे और फिर उन्हें विभिन्न स्थानों पर बेचते थे. उनका उद्देश्य किसी भी कीमत पर पकड़े जाने से बचना था, और इसके लिए वे अलग-अलग स्थानों पर वाहनों को बेचने की योजना बनाते थे.
आरोपियों की हुई पहचान
आरोपियों की पहचान संजय (28 वर्ष) - निवासी: डी 113 पंडितो का मोहल्ला, ग्राम रायपुर, सेक्टर 126 नोएडा, आदित्य (19 वर्ष) - निवासी: खजूर कालोनी, ग्राम छलेरा, सेक्टर 44 नोएडा, कार्तिक (19 वर्ष) - निवासी: 3 एटीएम वाली गली के पास, ग्राम रायपुर, सेक्टर 126 नोएडा और सुमित (19 वर्ष) - निवासी: ग्राम निधौली, थाना एटा, हाल निवासी: राज का होटल, ग्राम रायपुर, सेक्टर 126 नोएडा के रूप में हुई है.