उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरे पर शस्त्र पूजा की. उनके बेंती महल में आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक हथियार रखे गए. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोपहर करीब एक बजे से तीन बजे तक पूजा हुई. उनके जुड़वां बेटे शिवराज और बृजराज भी इस आयोजन में शामिल हुए. इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों समर्थकों ने भी हिस्सा लिया.
कार्यक्रम के दौरान राजा भैया ने हथियारों की बड़ी संख्या का जिक्र करते हुए कहा, “हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और होते हैं.” उनके इस बयान ने आयोजन को चर्चा में ला दिया. उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजा प्राचीन परंपरा है और इसमें शामिल होने वाले सभी लोग उनके परिवार का हिस्सा हैं. उन्होंने देश और धर्म की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई.
कुंडा विधायक राजा भैया ने दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजन किया है। राजा के समर्थक लोग आज बेती कोठी पर अपने शस्त्र लेकर पहुंचे थे। इन हथियारों की संख्या 500 से ज्यादा रही, इसमें देसी-विदेशी दोनों तरह के हथियार शामिल हैं। असल में पिछले साल 3 जून 2025 को राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने पीएमओ को लेटर लिखकर कहा था कि राजा के पास अवैध विदेशी हथियारों का जखीरा है। इस आरोप के बाद ही राजा ने पिछले साल दशहरा से शस्त्र पूजन की परंपरा शुरू कर दी है।
— Rajesh Sahu (@askrajeshsahu) October 20, 2026
आयोजकों के मुताबिक, हथियारों के साथ उनके लाइसेंस और पहचान से जुड़ी पर्चियां भी रखी गई थीं. राजा भैया ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में हथियारों के मालिकों की पहचान करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्चियों पर नाम लिखे जाते हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके और समर्थकों के पास मौजूद हथियार लाइसेंसी हैं.
सितंबर 2025 में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया था कि उनके पास अवैध हथियारों का भंडार है. उन्होंने कुछ हथियारों से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होने की आशंका भी जताई थी. हालांकि, राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनके और समर्थकों के हथियार वैध तथा लाइसेंसी हैं.
पिछले साल दशहरे पर भी बेंती महल में 200 से अधिक भारतीय और विदेशी हथियारों की पूजा की गई थी. इस साल 500 से ज्यादा हथियारों के प्रदर्शन के साथ यह लगातार दूसरा साल है, जब आरोपों के बाद भी सार्वजनिक रूप से शस्त्र पूजा आयोजित की गई.
राजा भैया ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने खासकर युवाओं से त्योहारों पर धोती-कुर्ता जैसे पारंपरिक भारतीय कपड़े पहनने की अपील की. उनका कहना था कि देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.
राजा भैया के बेटे शिवराज और बृजराज ने मुंबई में पढ़ाई पूरी की है. दोनों वर्ष 2025 में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से जुड़े और अब अपने पिता के साथ राजनीतिक गतिविधियों में भी भाग ले रहे हैं. इस बार शस्त्र पूजा के दौरान दोनों की मौजूदगी भी आयोजन का प्रमुख हिस्सा रही.