राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने कई नए सियासी समीकरण खड़े कर दिए हैं. यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब राज्य में शिक्षा विभाग को लेकर सवाल उठ रहे हैं और हाल ही में झालावाड़ में हुए हादसे ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठवा दी हैं.
इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दिल्ली पहुंच चुके हैं. माना जा रहा है कि उनकी भी पीएम मोदी और केंद्रीय नेतृत्व से अहम बैठकें प्रस्तावित हैं. ऐसे में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल हो सकता है.
झालावाड़ के पिपलोदी गांव में स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की मौत ने पूरे प्रदेश को हिला दिया. वसुंधरा राजे इस घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचीं. उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और राहत राशि भी सौंपी. सूत्रों की मानें तो राजे ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान शिक्षा विभाग की लापरवाही और हादसे को लेकर कड़ी चर्चा की. उन्होंने पीएम मोदी को यह भी बताया कि इस तरह की घटनाएं जनता का भरोसा डगमगा रही हैं और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई जरूरी है.
वसुंधरा राजे और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजस्थान में जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है. भजनलाल शर्मा के दिल्ली पहुंचने के पीछे भी यही कारण बताया जा रहा है. चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा होगी और संभव है कि कुछ को हटाया भी जाए. भाजपा के अंदर इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है.
बीते कुछ समय से वसुंधरा राजे की सक्रियता बढ़ी है. चाहे हादसे का मामला हो या सरकार की आलोचना, वह हर मुद्दे पर खुलकर सामने आ रही हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात को पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है. भले ही भाजपा ने अब तक कोई आधिकारिक बयान न दिया हो, लेकिन अंदरूनी हलकों में चर्चा जोरों पर है.