अब राजस्थान के मदरसों में गूंजेगा 'वंदे मातरम', शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में रोज़ ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा. 7 नवंबर को गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार पूरे साल को ‘देशभक्ति वर्ष’ के रूप में मनाएगी. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा है और हर नागरिक में देशप्रेम जगाता है.

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Kanhaiya Kumar Jha

जयपुर: राजस्थान सरकार ने राज्य में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में हर दिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा.

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब 7 नवंबर 2025 को ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार ने पूरे वर्ष को ‘देशभक्ति वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है.

शिक्षा मंत्री बोले- 'वंदे मातरम भारत की आत्मा है'

राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यह गीत हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति की भावना जगाता है. यह हमें याद दिलाता है कि यह देश हमारी साझा संस्कृति, आस्था और बलिदान का प्रतीक है. इसलिए इसे हर सरकारी संस्था में प्रतिदिन गाया जाना चाहिए.

दिलावर ने स्पष्ट किया कि यह आदेश राज्य सरकार के अधीन आने वाले सभी संस्थानों पर लागू होगा. चाहे वे सरकारी कार्यालय हों, कॉलेज हों, स्कूल हों या मदरसे.

शिक्षा विभाग में स्कूलों के विलय की प्रक्रिया भी तेज

घोषणा के साथ ही शिक्षा मंत्री ने एक और बड़ा कदम उठाने की बात कही. उन्होंने बताया कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को मर्ज (विलय) किया जा रहा है. इस वर्ष अब तक 449 स्कूलों का विलय किया जा चुका है. वहीं, अगले साल 312 और स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में जोड़ा जाएगा. इनमें 25 से कम छात्रों वाले 155 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 5 या उससे कम नामांकन वाले 157 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं.

दिलावर ने कहा कि दो वर्षों के लगातार प्रयासों के बावजूद जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या नहीं बढ़ी है, उन्हें नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा ताकि बच्चों को दूर तक जाने की परेशानी न हो. सर्वे का काम जारी है और यह प्रक्रिया अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी.

‘देशभक्ति वर्ष’ के माध्यम से राष्ट्रभावना को मिलेगा नया आयाम

राजस्थान सरकार का यह कदम न केवल शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन और एकता की भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम और नैतिक चेतना को भी मजबूत करेगा. ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्यभर में विशेष कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और देशभक्ति से जुड़े अभियान चलाने की भी योजना है. सरकार का मानना है कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण का प्रतीक है, जो हर पीढ़ी को देश की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा.