राजस्थान: राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक बहुत ही दुखद घटना घटी. बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में एक स्कॉर्पियो कार अचानक आग की चपेट में आ गई. इस हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां, पत्नी और भांजी समेत चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है.
जानकारी के अनुसार रामसिंह चौधरी अपनी मां पूसी देवी को सीने के दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल ले जा रहे थे. कार में पूसी देवी (पूर्व सरपंच), रामसिंह चौधरी, उनकी पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा सवार थीं. रास्ते में अचानक कार में आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कोई भी व्यक्ति कार से बाहर नहीं निकल सका.
#WATCH | Ajmer, Rajasthan: Four die after car catches fire in Borada area. As police investigate the incident, Circle Officer, Kishangarh, Ayush Vashisth says, “We got information about the incident from a passerby. We retrieved three bodies from inside the car and one from… pic.twitter.com/X7JEcpUnN9
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 28, 2026
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि परिवार अस्पताल जाते समय यह हादसा हुआ. शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कार की किसी तकनीकी खराबी को माना जा रहा है. हालांकि पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी हैय
रामसिंह चौधरी: गांव के पूर्व सरपंच
पूसी देवी: रामसिंह की मां, जो खुद भी पूर्व सरपंच रह चुकी थीं
सुरज्ञान देवी: रामसिंह की पत्नी, जो जिला परिषद सदस्य थीं
महिमा: परिवार की भांजी
एक ही परिवार के चार सदस्यों के इस तरह चले जाने से गांव में मातम का माहौल है. लोग सदमे में हैं. कई लोग घटनास्थल पर पहुंचकर आंसू बहा रहे हैं.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. राहत कार्य शुरू किया गया. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आग लगने के सही कारण का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को बुलाया गया है. पुलिस का कहना है कि अभी तक यह हादसा ही लग रहा है. कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है. फिर भी हर पहलू की जांच की जा रही है.
श्रीरामपुरा गांव में इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है. रामसिंह चौधरी परिवार समाज में सक्रिय रहा है. पूसी देवी और सुरज्ञान देवी महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय थीं. उनके अचानक चले जाने से गांव की महिलाएं और बच्चे भी बहुत दुखी हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित जांच पर ध्यान दिया जाए.