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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में दिखेगा राजस्थान का स्वर्णिम वैभव, झांकी और प्रदेशभर में जश्न की भव्य तैयारी

गणतंत्र दिवस की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. इस बार राजस्थान अपनी अनूठी झांकी दुनिया के सामने पेश करने वाला है. जिसकी थीम 'राजस्थान: मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श' रखी गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में दिखेगा राजस्थान का स्वर्णिम वैभव, झांकी और प्रदेशभर में जश्न की भव्य तैयारी
Courtesy: X (@AfyanVahagn)

जयपुर: देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक विविधता का साक्षी बनने जा रहा है. इस भव्य अवसर पर राजस्थान अपनी अनूठी झांकी के माध्यम से देशदुनिया के सामने अपनी समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत का शानदार प्रदर्शन करेगा.

इस बार राजस्थान की झांकी खास तौर पर अपने सुनहरे रंगों और पारंपरिक शिल्प कला के कारण चर्चा में है. राजस्थान की झांकी की थीम इस वर्ष 'राजस्थान: मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श' रखी गई है.

झांंकी को किसने डिजाइन किया है?

झांकी के डिजाइनर हर शिव कुमार शर्मा के अनुसार, इस थीम के जरिए राजस्थान की रेगिस्तानी संस्कृति, लोककला और पारंपरिक हस्तशिल्प को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है. हाल ही में हुई फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान जैसे ही यह झांकी कर्तव्य पथ से गुजरी, दर्शकों की तालियों और उत्साह ने माहौल को खास बना दिया.

झांकी के अग्र भाग में राजस्थान के पारंपरिक लोक वाद्य रावणहट्टा को बजाते हुए कलाकार की 180 डिग्री घूमने वाली विशाल प्रतिमा लगाई गई है. इसके साथ ही बीकानेर की विश्वप्रसिद्ध उस्ता कला से सजी सुराही, कुप्पी और दीपकों को कलात्मक फ्रेम में प्रदर्शित किया गया है, लगभग 13 फीट ऊंची यह झांकी राजस्थान की बारीक हस्तशिल्प परंपरा और रचनात्मकता का बेहतरीन उदाहरण है.

राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत

झांकी में रंगों का संतुलन, सुनहरी आभा और पारंपरिक प्रतीकों का संयोजन राजस्थान की पहचान को मजबूती से सामने रखता है. मरुस्थलीय प्रदेश होने के बावजूद कला और संस्कृति में समृद्ध राजस्थान का यह स्वरूप दर्शकों को उसकी ऐतिहासिक विरासत और लोकजीवन से जोड़ता है. यह झांकी न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक है, बल्कि सांस्कृतिक संदेश भी देती है.

दिल्ली में जहां राजस्थान की झांकी राष्ट्रीय मंच पर धूम मचाएगी, वहीं राज्य के हर जिले में गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह चरम पर है. राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में झंडा फहराने और मुख्य समारोहों के लिए मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं. कोटपूतलीबहरोड़ में दिया कुमारी, भीलवाड़ा में डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सवाई माधोपुर में किरोड़ी लाल मीणा और दौसा में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तिरंगा फहराएंगे. पूरे राज्य में झंडा झंडा फहराने को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं.