छात्रों के लिए नई चुनौती, विदेश में पढ़ाई का सपना होगा और कठिन; विवेकानंद स्कॉलरशिप के नियम बदलने की हो रही तैयारी

राजस्थान सरकार स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना में बदलाव करने जा रही है. प्रस्तावित संशोधन के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति की संख्या कम और देश के शीर्ष संस्थानों के लिए संख्या बढ़ाई जा सकती है.

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Km Jaya

जयपुर: राजस्थान सरकार उच्च शिक्षा के लिए संचालित स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. सरकार अगले एक या दो दिनों में योजना की संशोधित अधिसूचना जारी कर सकती है. प्रस्तावित बदलावों के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्तियों की संख्या कम किए जाने की संभावना है. 

वहीं देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाई जा सकती है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक कठिन हो जाएगी.

कितने विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति?

जानकारी के अनुसार पहले इस योजना के तहत लगभग 300 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता था. संशोधित व्यवस्था में विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या घटाकर लगभग 100 से 125 के बीच की जा सकती है. इससे चयन प्रक्रिया अधिक प्रतिस्पर्धी होने की संभावना है. माना जा रहा है कि अब उन्हीं छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी जिन्हें दुनिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिला होगा.


सरकार ने क्या किया स्पष्ट?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो विद्यार्थी पहले से इस योजना का लाभ लेकर विदेश में अध्ययन कर रहे हैं, उन पर नए नियमों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. प्रस्तावित संशोधन केवल नए आवेदकों पर लागू होंगे. इससे वर्तमान लाभार्थियों की छात्रवृत्ति और सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी.

योजना की पात्रता से जुड़ी आय सीमा में किसी प्रकार का बदलाव प्रस्तावित नहीं है. वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम वाले परिवारों के विद्यार्थियों को पहले की तरह प्राथमिकता मिलती रहेगी. महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण भी यथावत रहेगा. योजना में आय के आधार पर तीन श्रेणियां निर्धारित हैं. पहली श्रेणी में आठ लाख रुपये तक की आय वाले परिवार, दूसरी में आठ से 25 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार और तीसरी में 25 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवार शामिल हैं.

कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने क्या कहा?

कॉलेज शिक्षा आयुक्त नथमल डिडेल ने कहा कि देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों और विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि सरकार इसे कुछ नए बदलावों के साथ लागू करने की तैयारी में है और संशोधित अधिसूचना जल्द जारी की जा सकती है. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई अधिसूचना जारी होने के बाद पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ें.